विराट कोहली ने खुद बताई अपने संन्यास की डेट, इस दिन कर देंगे रिटायरमेंट का ऐलान
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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) टी20I और टेस्ट से रिटायर हो चुके हैं। अब वे सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते हैं। इस प्रारूप के माध्यम से कोहली कब तक नजर आएंगे, ये शायद उनके अलावा कोई भी नहीं जानता है। इसी वजह से उनके संन्यास की तारीख को लेकर काफी ज्यादा बात की जाती है।
हालांकि, अब खुद विराट कोहली (Virat Kohli) ने बता दिया है कि उनका अंतिम लक्ष्य क्या है और वे कब अपने करियर पर फुल स्टॉप लगाएंगे।
2027 वर्ल्ड कप को Virat Kohli ने बताया अंतिम

भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के आगाज से पहले जियोहॉटस्टार से बात करते हुए विराट कोहली (Virat Kohli) ने साफ़ कर दिया कि 2027 विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। कोहली ने कहा,
"मेरे लिए, यह भारत के लिए मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। यानी, मैदान पर अपना सब कुछ झोंक देना। और ज़ाहिर है, मेरा मकसद वर्ल्ड कप जीतना ही है। और इसके लिए जो कुछ भी करना पड़े, मैं उसके लिए पूरी तरह तैयार हूं। "
Virat Kohli confirms that the 2027 CWC will be his last World Cup for India. 🥹💔#Cricket #Kohli #India pic.twitter.com/Z8AHMVKxPi
— Sportskeeda (@Sportskeeda) September 26, 2026
वर्ल्ड कप के लिए खास मानसिक चुनौतियों को लेकर भी विराट कोहली ने दिया बयान
विराट कोहली ने वनडे वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए मानसिक चुनौतियों पर भी बात की, क्योंकि आपको लगातार 10-11 मैच खेलने होते हैं। उन्होंने कहा,
"50 ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता किसी भी चीज से ज़्यादा होती है। क्योंकि अब, इसमें T20 लेवल की तीव्रता वाले 10 मैच खेलने होते हैं। लेकिन आप एक दिन में 2.5 T20 मैच के बराबर खेल रहे होते हैं। और एक बड़े टूर्नामेंट या वर्ल्ड कप में 10 मैचों तक उस तीव्रता को बनाए रखना बहुत बड़ी बात है।"
2011 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम का हिस्सा थे कोहली
विराट कोहली ने अपने करियर के शुरुआती सालों में ही वनडे वर्ल्ड कप की खिताबी जीत का स्वाद चख लिया था, क्योंकि वे 2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा थे। कोहली ने पहले ही मैच में बांग्लादेश के खिलाफ शतक बनाया था। वहीं, फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के आउट हो जाने के बाद, गौतम गंभीर के साथ अर्धशतकीय साझेदारी निभाते हुए 35 रनों की पारी भी खेली थी।
गंभीर-कोहली की पार्टनरशिप ने ही भारत को संभलने का मौका दिया था। इसके बाद, गंभीर और एमएस धोनी की क्रमशः 97 और 91* रन की पारियों ने भारत की 6 विकेट से जीत दर्ज करने में मदद की थी।
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