IPL से हमेशा के लिए हो रही इस बकवास नियम की छुट्टी, अब लीग में कभी नजर नहीं आएगा ये बेकार रुल
Table of Contents
IPL : आईपीएल 2026 समाप्त हो चूका हैं और फाइनल मुक़ाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को पांच विकेट से हराकर लगातार अपना दूसरा ख़िताब जीता। अब टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
दरअसल , भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) शायद बहुत ज़्यादा चर्चा में रहे 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को हटाने पर विचार कर रहा है। जब से यह नियम शुरू हुआ है, तब से ही क्रिकेट के कई फ़ैन्स इसकी काफ़ी आलोचना कर रहे हैं।
यहाँ तक कि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी भी इस नियम की आलोचना कर चुके हैं। इसी बीच, हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सचिन तेंदुलकर ने भी BCCI से इस नियम को खत्म करने की अपील की थी।
ऐसा लगता है कि भारतीय बोर्ड ने 'क्रिकेट के भगवान' की बात सुन ली है, क्योंकि आने वाले दिनों में वे फ़्रैंचाइज़ी मालिकों के साथ इस नियम पर चर्चा करने वाले हैं।
IPL 2027 से इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म कर सकता है BCCI
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के आने के बाद से ही इसे ज़्यादा समर्थन नहीं मिला है। जहाँ एक तरफ़ फ़ैन्स 2024 से ही इस नियम का विरोध कर रहे हैं, वहीं अब ऐसी रिपोर्टें भी सामने आ रही हैं कि फ़्रैंचाइज़ी मालिक भी BCCI से इस नियम पर दोबारा विचार करने की गुज़ारिश कर रहे हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक़, BCCI ने फ़्रैंचाइज़ी मालिकों के साथ इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर चर्चा करने के लिए 31 जुलाई को एक मीटिंग तय की है, क्योंकि कई टीमें इस नियम के ख़िलाफ़ हैं। इसकी वजह यह है कि उन्हें लगता है कि यह नियम खेल में असंतुलन पैदा करता है।
सचिन तेंदुलकर ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी राय ज़ाहिर की
क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में गिने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर अपनी राय खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह नियम ज़्यादा पसंद नहीं है और इसे खत्म कर देना चाहिए। जब सचिन जैसे दिग्गज खिलाड़ी किसी मुद्दे पर अपनी बात रखते हैं, तो क्रिकेट जगत और अधिकारी भी उस पर गंभीरता से ध्यान देते हैं।
ESPNcricinfo के एक अवॉर्ड शो के दौरान सचिन ने कहा,
"मुझे लगता है कि कुछ चीज़ों पर मैं अपनी निजी राय दे सकता हूं और मेरी राय में इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म कर देना चाहिए।"
सचिन तेंदुलकर के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि उनका मानना है कि इस नियम की वजह से कई खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का पूरा मौका नहीं मिल पाता और खेल के संतुलन पर भी इसका असर पड़ता है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम कैसे काम करता है?
IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम टीमों को ज़्यादा आज़ादी से बल्लेबाज़ी करने में मदद करता है, और इसकी वजह से टीमें बड़ा स्कोर खड़ा कर पाती हैं। इस नियम की बदौलत, टीमों के लाइनअप में एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ शामिल हो जाता है, जिससे बाकी खिलाड़ी और भी ज़्यादा आज़ादी से गेंद को हिट कर पाते हैं और ज़्यादा जोखिम उठा पाते हैं।
इस अतिरिक्त बल्लेबाज़ को टीम में शामिल करने के लिए गेंदबाज़ी आक्रमण में ज़्यादा बदलाव करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिसका नतीजा यह हुआ है कि कुछ ऐसे ऑलराउंडर खिलाड़ी, जिन्हें इस दौरान ज़्यादा मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए था, वे अब टीम से बाहर हो गए हैं।
उदाहरण के लिए, वॉशिंगटन सुंदर ने 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के पहले दो सालों में सिर्फ़ नौ मैच खेले, जबकि IPL 2022 में अकेले उन्होंने उतने ही मैच खेले थे। सुंदर जैसे खिलाड़ी, जो नियमित रूप से भारतीय टीम में खेलते हैं, उन पर शायद मौकों की कमी का ज़्यादा असर न पड़े; लेकिन जो खिलाड़ी अभी-अभी उभर रहे हैं, उन पर इस नियम का और भी बुरा असर पड़ा है।
मुंबई इंडियंस के राज अंगद बावा, लखनऊ सुपर जायंट्स के अर्जुन तेंदुलकर और शाहबाज़ अहमद जैसे खिलाड़ियों को लगातार खेलने का मौका पाने के लिए काफ़ी संघर्ष करना पड़ा है।
ये भी पढ़े : एक रन की कीमत करीब 1 करोड़! Kavya Maran को महंगा पड़ा सौदा, सिर्फ 15 रन बनाने वाले खिलाड़ी को दिए 13 करोड़