न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में चल गए ये 3 खिलाड़ी, तो ओलंपिक 2028 पक्का करवा लेंगे अपना टिकट
Published - 19 Oct 2026, 08:52 PM | Updated - 19 Oct 2026, 09:09 PM
128 साल बाद जब बल्ला ओलंपिक के पोडियम पर गूंजेगा, तब भारत का लक्ष्य सिर्फ गोल्ड मेडल पर होगा। यही वजह है कि आगामी New Zealand T20 series किसी सामान्य द्विपक्षीय मुकाबले से कहीं आगे की बात है। यह New Zealand T20 series उन युवा चेहरों के लिए एक खुली खिड़की है, जो ओलंपिक स्क्वॉड के कोर ग्रुप में अपनी खूंटा-गाड़ मौजूदगी दर्ज कराना चाहते हैं। अगर ये 3 खिलाड़ी कीवी चुनौती के आगे टिक गए, तो मान लीजिए कि लॉस एंजेलिस का टिकट लगभग पक्का है।
New Zealand T20 series में नमन धीर को साबित करना होगा

वाशिंगटन सुंदर की जगह टी20 स्क्वॉड में शामिल किए गए नमन धीर के पास खुद को एक बहुमुखी टी20 पैकेज के रूप में स्थापित करने का यह सबसे सुनहरा मौका है। घरेलू सर्किट और आईपीएल में दबाव के पलों में निडर होकर बड़े शॉट्स खेलना उनकी असली पहचान है। इसके अलावा वे पावरप्ले के बाद मिडिल ओवर्स में बल्लेबाजों को अपनी नियंत्रित ऑफ-स्पिन से बांधे रखने का हुनर भी रखते हैं।
ओलंपिक के 15 सदस्यीय सीमित दल में चयनकर्ताओं को ऐसे फ्लोटर्स की दरकार होगी जो किसी भी क्रम पर आकर मैच का पासा पलट सकें। New Zealand T20 series में नमन की यह दोहरी क्षमता उन्हें ओलंपिक रेस में एक अप्रत्याशित दावेदार बना सकती है।
न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में नहीं चले ये 3 खिलाड़ी, तो हमेशा के लिए कर दिए जाएंगे टीम इंडिया से बाहर
मयंक यादव
150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकना एक बात है, और उस रफ्तार पर सटीक टप्पा बनाए रखना बिल्कुल दूसरी। मयंक यादव इसी दुर्लभ हुनर का नाम हैं। अपनी आग उगलती गेंदों और तीखे बाउंसरों से उन्होंने बहुत कम समय में साबित किया है कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं।
इस New Zealand T20 series में उनकी असली परीक्षा सिर्फ रफ्तार की नहीं, बल्कि दबाव में डेथ ओवर्स की यॉर्कर डालने और अपनी फिटनेस को साधने की होगी। ओलंपिक के 15 सदस्यीय छोटे दल में टीमों को ऐसे 'एक्स-फैक्टर' पेसर की जरूरत होती है जो अकेले दम पर मैच का रुख मोड़ दे। अगर मयंक इस सीरीज में अपनी धार बनाए रखते हैं, तो 2028 की फ्लाइट में उनकी सीट तय समझिए।
नीतीश कुमार रेड्डी
टीम इंडिया पिछले कई सालों से हार्दिक पांड्या के एक भरोसेमंद बैकअप की तलाश में थी, और नीतीश कुमार रेड्डी ने इस खालीपन को बहुत खूबसूरती से भरा है। नीतीश के पास निचले क्रम में बड़े छक्के जड़कर मैच खत्म करने का दम तो है ही, साथ ही वे मध्यम गति की सीम बॉलिंग से साझेदारी तोड़ने का माद्दा भी रखते हैं।
ओलंपिक जैसे मल्टी-नेशन गेम्स में स्क्वॉड का आकार बेहद सीमित होता है, जहां हर खिलाड़ी से दोहरी भूमिका की उम्मीद की जाती है। इस लिहाज से New Zealand T20 series नीतीश के लिए खुद को एक परफेक्ट फिनिशर और सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर स्थापित करने का सबसे बड़ा मंच साबित होगी।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।