क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाला बल्लेबाज, इसे कहा जाता डक किंग
Table of Contents
Most ducks by a batter: इंटरनेशनल लेवल पर क्रिकेट के खेल का आयोजन तीन फॉर्मेट में होता है। टेस्ट, वनडे और टी20I में ही अभी मुकाबले खेले जाते हैं सबसे मुश्किल रेड बॉल से खेले जाने वाले टेस्ट प्रारूप को को माना गया है। इसके बाद, वनडे और टी20I का नंबर आता है। इनमें से किसी भी फॉर्मेट में जब कोई बल्लेबाज आता है, तो उसका पहला लक्ष्य अपना खाता खोलना होता है।
हालांकि, कई बार बड़े से बड़े बल्लेबाज डक पर आउट हो जाते हैं, जबकि निचले क्रम के बैटर्स के साथ तो यह काफी बार होता है। इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शून्य (Duck) बनाने वाले खिलाड़ी की बात करें तो यह रिकॉर्ड उस दिग्गज के नाम है, जिसने खुद बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी से जमकर तंग किया है।
यह खिलाड़ी है इंटरनेशनल क्रिकेट में Duck King

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य (Duck) पर आउट होने का रिकॉर्ड श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन के नाम दर्ज है। मुरलीधरन की पहचान उनकी खतरनाक ऑफ स्पिन गेंदबाजी रही, जिसके दम पर उन्होंने टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया लेकिन बल्लेबाजी में वे तीनों फॉर्मेट में कई बार डक पर आउट हुए।
59 बार डक पर पवेलियन लौटे
दाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट को मिलाकर कुल 495 मैच खेले। इस दौरान 328 पारियों में बल्लेबाजी की लेकिन 59 बार खाता खोलने में नाकाम रहे, जो कि किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा डक (Duck) हैं। फॉर्मेट के आधार पर मुरलीधरन ने 133 टेस्ट में 33 बार डक बनाया। वहीं, 350 वनडे में 25 बार 0 पर आउट हुए, जबकि 12 टी20 में एक बार खाता खोलने में नाकाम रहे।
इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसा है मुरलीधरन का बैटिंग रिकॉर्ड
डक किंग के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले मुथैया मुरलीधरन ने 1992 से लेकर 2011 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के साथ-साथ ICC वर्ल्ड XI और एशिया XI का भी प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 9.26 की औसत से 1936 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल रहा।
गेंदबाजी में मुरलीधरन का नहीं है कोई जवाब
मुथैया मुरलीधरन के बल्लेबाजी के आंकड़े भले ही साधारण हों, लेकिन उनकी गेंदबाजी के आंकड़े शानदार हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मुरलीधरन ने 1347 विकेट झटके। इस दौरान टेस्ट में 800 विकेट लिए और ऐसा करने वाले एकमात्र बॉलर के रूप में अपनी पहचान बनाई। ODI फॉर्मेट में मुरली के नाम 534 विकेट हैं। वहीं, टी20I में 13 विकेट लिए हैं।
यह भी पढ़ें: क्रिकेट इतिहास के 4 सबसे विवादित फैसले, जिन पर आज भी होती है चर्चा