गॉल टेस्ट इस खिलाड़ी के लिए बन सकता है काल, खेल सकता है अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला
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IND vs SL Galle Test: भारत की पुरुष क्रिकेट टीम श्रीलंका दौरे पर है। इस दौरे पर टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है, जो WTC 2025-27 का हिस्सा है। सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी और पहला टेस्ट गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैदान पर भारतीय टीम ने आखिरी बार 2017 में खेला था।
गाले टेस्ट (Galle Test) के लिए भारत की प्लेइंग XI क्या होगी, इसे लेकर काफी ज्यादा बात हो रही है। हालांकि, 5-6 खिलाड़ियों की जगह पूरी तरह फिक्स लग रही है। इनमें से एक प्लेयर ऐसा भी है, जिसके लिए पहला टेस्ट काफी अहम होगा। अगर यहां रन पड़े तो फिर उसका इंटरनेशनल करियर समाप्त हो सकता है, क्योंकि 16 साल पहले भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था।
Galle Test में असफल रहने पर इस भारतीय खिलाड़ी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के स्क्वाड में दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भी शामिल हैं, जिनका 15 से 19 सितंबर तक होने वाले गॉल टेस्ट (Galle Test) में खेलना लगभग तय नजर आ रहा है। जडेजा को अफगानिस्तान टेस्ट के लिए आराम दिया गया था, लेकिन अब उनकी वापसी हुई है।

बाएं हाथ के इस ऑलराउंडर के लिए गॉल टेस्ट (Galle Test) करो या मरो वाला साबित हो सकता है, क्योंकि कुछ समय से जडेजा ने बल्लेबाजी में अच्छा किया है लेकिन गेंदबाजी में उतने असरदार नहीं रहे हैं। यही कारण है कि उनके खिलाफ श्रीलंकाई बल्लेबाज सफलता हासिल कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो फिर उनका हाल भी वैसा ही हो सकता है, जैसा हरभजन सिंह के साथ हुआ था।
हरभजन की तरह जडेजा पर भी गिर सकती है गाज
37 साल के रवींद्र जडेजा अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं। टी20 इंटरनेशनल से जड्डू रिटायर हो चुके हैं और वनडे में उन्हें जगह नहीं मिल रही है। इसी वजह से उन्हें नियमित रूप से टेस्ट में ही जगह मिलती है लेकिन अब मानव सुथार और हर्ष दुबे जैसे युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। सुथार ने अफगानिस्तान के खिलाफ डेब्यू किया था, जबकि हर्ष को टेस्ट में पदार्पण का मौका नहीं मिला है।
युवाओं के आगमन के कारण रवींद्र जडेजा पर दबाव बढ़ रहा है। साल 2010 में खेले गए गॉल टेस्ट (Galle Test) में दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने दोनों पारियों में कुल 32.1 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 122 रन लुटाए और कोई भी विकेट नहीं ले पाए थे। इसके बाद से ही हरभजन का करियर समापन की तरफ बढ़ गया था और वो 2011 से 2015 तक 11 टेस्ट ही खेल पाए थे। ऐसे में जडेजा के साथ भी खराब प्रदर्शन करने पर कुछ ऐसा ही हो सकता है और उनका टेस्ट करियर भी खतरे में पड़ सकता है।
रवींद्र जडेजा के टेस्ट में आंकड़े
भारत के लिए रवींद्र जडेजा ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 2012 में की थी और अब तक 89 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान जडेजा लगभग 10 साल तक अपनी गेंदबाजी से छाए रहे। बल्ले से भी उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेली लेकिन घर पर रविचंद्रन अश्विन के साथ उनकी जोड़ी सुपरहिट रही।
अपने टेस्ट करियर में जडेजा ने अभी तक बल्लेबाजी में 133 पारियां खेलते हुए 38.27 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। उनके नाम 6 शतक और 28 अर्धशतक दर्ज हैं। गेंदबाजी में 25.11 की औसत से 348 विकेट झटके हैं। इस दौरान 15 बार 5 विकेट हॉल और 3 बार मैच में 10 विकेट हॉल लेने का कारनामा भी किया है।