162 मैच, 5122 रन और 42 फिफ्टी... फिर भी अपने करियर में नहीं लगा पाए एक भी शतक, नाम जानकार हो जाएंगे हैरान
Table of Contents
Legendary player with no ODI Century: इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक बनाने का सपना सभी बल्लेबाजों का होता है। भारत के सचिन तेंदुलकर ने तो अकेले ही 100 शतक बनाकर इतिहास रचा और उनका रिकॉर्ड टूटेगा, इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है। विराट कोहली भी 85 शतक बना चुके हैं और अभी उनके पास इनमें इजाफा करने का मौका है।
अगर वनडे की बात की जाए तो विराट कोहली के नाम सबसे ज्यादा 54 और सचिन तेंदुलकर के नाम 49 शतक दर्ज हैं। इन दोनों ने अकेले ही इस फॉर्मेट में इतने सारे शतक (Century) बनाए, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा भी है, जो वनडे क्रिकेट में 13 साल तक खेला लेकिन उसके बल्ले से शतक नहीं देखने को मिला। यह खिलाड़ी वनडे में बिना शतक बनाए सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज भी है।
कौन है वो दिग्गज खिलाड़ी जो वनडे में 13 साल खेलने के बावजूद Century नहीं बना पाया

यहां जिस खिलाड़ी की बात हो रही है, वह पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक हैं। इस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 शतक बनाए, लेकिन ये सभी टेस्ट क्रिकेट में आए। वनडे में मिस्बाह का सेंचुरी (Century) के मामले में खाता ही नहीं खुला। इस खिलाड़ी ने 2002 से लेकर 2015 तक 50 ओवरों के फॉर्मेट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया लेकिन कभी तीन अंकों का स्कोर नहीं बना पाए।
162 मैचों में मिस्बाह-उल-हक के नाम 42 अर्धशतक
मिस्बाह-उल-हक के वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 27 अप्रैल 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना डेब्यू किया था और अपना अंतिम मैच 20 मार्च 2015 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला। इस दौरान मिस्बाह ने अपने करियर में कुल 162 वनडे खेले और 149 पारियों में 43.40 की औसत से 5122 रन बनाए। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 42 अर्धशक बनाए लेकिन इनमें से एक को भी शतक (Century) में तब्दील नहीं कर पाए, जो काफी हैरानी वाली बात है।
2013 में खेली थी सबसे बड़ी पारी, शतक बनाने से 4 रन रह गए थे पीछे
वनडे में मिस्बाह-उल-हक की सबसे बड़ी पारी नाबाद 96 रनों की है। यह पारी उन्होंने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में वेस्टइंडीज के खिलाफ काफी मुश्किल समय में खेली थी। ओवर में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान की टीम 48 ओवर में महज 170 रन पर ढेर हो गई थी।
मिस्बाह ने अकेले ही मोर्चा संभाला और 127 गेंदों में 96 रन बनाए। वह आखिरी तक नाबाद रहे, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते गए। अगर उस दिन मिस्बाह को एक ओवर ही किसी बल्लेबाज का साथ मिल जाता तो उनका शतक का सूखा खत्म हो जाता।
यह भी पढ़ें: लक्ष्मण ने किया इनकार, तो अब ये 3 दिग्गज बन सकते है टीम इंडिया के नए चीफ सलेक्टर