मोहम्मद शमी का करियर बर्बाद करने का श्रेय किसको जाता? गिल, गंभीर या अगरकर जानें कौन सबसे बड़ा विलेन

Published - 04 Nov 2026, 11:53 AM | Updated - 04 Nov 2026, 12:59 PM

Mohammed Shami

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) का इंटरनेशनल करियर खत्म माना जा रहा है। शमी ने संन्यास का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनकी वापसी की संभावना भी नजर नहीं आ रही है।

किसी ने नहीं सोचा था कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले इस गेंदबाज (Mohammed Shami) का करियर ग्राफ इसके बाद से ऊपर जाने के बजाय नीचे चला जाएगा। अब हालत ऐसी है कि अनुभवी पेसर को पूरी तरह से इग्नोर किया जा रहा है।

Mohammed Shami को चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से नहीं मिला है मौका

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भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में 450 से ज्यादा विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को पिछले 20 महीने से टीम इंडिया में नहीं चुना गया है। शमी को आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की जर्सी पहनने का मौका मिला था लेकिन तब से उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। कभी फिटनेस का बहाना दिया गया तो कभी गेम टाइम का, लेकिन उनका चयन एक भी बार नहीं किया गया।

मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) खुद भी हताश हो चुके हैं और उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि वह अपनी तरफ से आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में मेहनत कर रहे हैं और टीम इंडिया में वापसी करना उनके हाथ में नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मोहम्मद शमी को पूरी तरह बाहर करने में मौजूदा कप्तान शुभमन गिल, हेड कोच गौतम गंभीर या फिर पूर्व चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर में से कौन जिम्मेदार है?

शमी के करियर को तबाह करने के लिए गंभीर-अगरकर जिम्मेदार

टीम इंडिया की कोचिंग में जुलाई, 2024 से बदलाव हुआ और गौतम गंभीर की एंट्री हुई, जबकि अजीत अगरकर उससे एक साल पहले चीफ सिलेक्टर बने थे। उसी साल जब शमी के फिट होने की खबर आई तो लगा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुना जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अगरकर ने बताया कि रिकवरी के बाद, शमी का पूरी तरह से आकलन नहीं किया गया था और न ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शारीरिक चुनौतियों के लिए तैयार माना गया था। उन्होंने कहा कि उनका चयन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह घरेलू क्रिकेट सीजन (दलीप ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी) के दौरान अपनी फिटनेस को लगातार साबित कर पाते हैं या नहीं।

इसके बाद से शमी ने डोमेस्टिक क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी और इसके दम पर उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज के लिए वापसी की। चैंपियंस ट्रॉफी में शमी ने 5 मैचों में 9 विकेट लिए, लेकिन फिर उन्हें बाहर कर दिया गया। इस खिलाड़ी को ड्रॉप करने का फैसला अगरकर ने लिया लेकिन कोच गंभीर ने भी सहमति दी होगी, क्योंकि उस समय इन दोनों का तालमेल काफी अच्छा था। इसी वजह से ये दोनों एक-दूसरे के फैसलों का समर्थन करते थे।

2027 वर्ल्ड कप में भी शमी के खेलने की संभावना बेहद कम

अब अजीत अगरकर की विदाई हो चुकी है और चीफ सिलेक्टर प्रज्ञान ओझा हैं लेकिन लगता नहीं कि टीम मैनेजमेंट ने उनसे मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को वापस लाने की मांग की है, क्योंकि इस पेसर को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के स्क्वाड से इग्नोर कर दिया गया।

इससे संकेत मिलता है कि शमी शायद अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि अब कई युवा पेसर्स को लगातार मौके मिल रहे हैं और अब लगता नहीं कि शमी को वापसी का मौका मिलेगा।

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Prashant

प्रशांत कुमार क्रिकेट लेखक हैं, जिन्होंने 2019 में स्पोर्ट्स पत्रकारिता में कदम रखा और इसके बाद इसी... रीड मोर

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