संजू और वैभव दोनों के साथ खिलवाड़ कर रहे गंभीर, इन हरकतों से बर्बाद कर रहे दोनों का करियर
Table of Contents
भारत की टी20 टीम में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं और प्रतिस्पर्धा भी काफी ज्यादा है। संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के बीच भी दूसरे ओपनिंग स्पॉट के लिए कड़ी टक्कर है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले संजू के लिए ईशान किशन बड़ा खतरा बन गए थे लेकिन फिर टूर्नामेंट में संजू ने कमाल की पारियां खेलीं और भारत को चैंपियन बनाकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने।
हालांकि, फिर आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने तबाही मचाई और ऑरेंज कैप जीतने में सफल रहे। उन्होंने बहुत ही आक्रामकता के साथ पूरे सीजन बल्लेबाजी की और उनकी सफलता को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम इंडिया में आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए चुन लिया। इसके बाद से ही हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) इन दोनों लेकर कंफ्यूज नजर आ रहे हैं और इससे इनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
संजू और वैभव दोनों को लेकर Gambhir की योजना नहीं आ रही समझ
गौतम गंभीर को टी20 फॉर्मेट का मास्टर कोच माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि इस फॉर्मेट में गंभीर (Gambhir) के पास खिलाड़ियों को पहचानने की अच्छी कला है लेकिन संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम इंडिया के हेड कोच अभी तक कुछ भी तय नहीं कर पाए हैं। यही वजह है कि कभी वह खुलेआम संजू को बतौर ओपनर मौके देने का समर्थन करते हैं तो कभी सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में लाकर अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत का मौका दे देते हैं।
सैमसन को लेकर गंभीर नहीं ले पा रहे फैसला

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन ने सिर्फ 5 पारियों में 80.25 के औसत और 199.38 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाकर भारत को चैंपियन बनाया था। हालांकि, इसके बाद से उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है लेकिन यह भी कहना गलत नहीं होगा कि गंभीर से उन्हें बराबर समर्थन नहीं मिला है।
हेड कोच गंभीर (Gambhir) ने मीडिया से वार्तालाप में सैमसन का खुलकर समर्थन करने की बात कही लेकिन जैसे ही यह खिलाड़ी दो-तीन पारियों में नहीं चला, उनकी जगह पर खतरा भी मंडराया और इंग्लैंड में तो उन्हें प्लेइंग XI से ही बाहर कर दिया गया था। सैमसन को जिम्बाब्वे दौरे से भी रखा गया लेकिन अफगानिस्तान सीरीज में वापसी हुई और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।
इसके बाद, एशियन गेम्स में संजू को ओपनिंग का मौका नहीं मिला। वेस्टइंडीज सीरीज में गंभीर ने संजू को लगातार पारी की शुरुआत का मौका दिया लेकिन न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में तीसरे मैच में उन्हें नंबर-3 पर शिफ्ट कर दिया। इससे पता चलता है कि सैमसन को लेकर गंभीर की सोच स्पष्ट नहीं है और उन्हें काफी जल्दी बलि का बकरा बना दिया जाता है।
सूर्यवंशी को गंभीर नहीं दे रहे नियमित मौके
एक तरफ संजू सैमसन को लेकर गौतम गंभीर की सोच स्पष्ट नहीं है, दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी को नियमित रूप से प्लेइंग XI में जगह नहीं मिल पा रही है। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 से अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत करने वाले वैभव ने अभी तक 10 ही मैच खेले हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे दौरे पर 151 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता था लेकिन इसके बाद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ बेंच पर रखा गया।
जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 में भी वैभव को गंभीर ने मौका नहीं दिया। एशियन गेम्स में सूर्यवंशी को दो मैचों में मौका मिला लेकिन वेस्टइंडीज टी20 सीरीज के दौरान एक भी मैच में मौका नहीं मिला। वैभव को न्यूजीलैंड में भी मौका मिलने की संभावना कम थी लेकिन ईशान किशन की इंजरी के कारण उन्हें दूसरे और तीसरे टी20 में खिलाया गया। उन्होंने तीसरे मैच में 19 गेंदों में 45 रन बनाए लेकिन अगले मैच से ड्रॉप कर दिया गया।
इसी वजह से सोशल मीडिया पर फैंस के साथ-साथ कई पूर्व क्रिकेटर भी वैभव को लेकर गंभीर के अप्रोच की आलोचना करते नजर आए और कहा कि इससे 15 वर्षीय बल्लेबाज का आत्मविश्वास कम हो जाएगा, जो उसके लिए सही नहीं है।
गंभीर को वैभव और संजू की बैटिंग पोजीशन करनी होगी फिक्स
जिस तरह से भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को एक साथ स्क्वाड में रहते हुए हैंडल किया है, उससे दोनों ही खिलाड़ियों को फायदा नहीं हो रहा है। ऐसे में गंभीर को तय करना होगा कि इन दोनों बल्लेबाजों की भूमिका क्या होगी।
अगर उन्हें लगता है कि सूर्यवंशी ओपनर के रूप में फिट हैं तो उन्हें इसी पोजीशन पर लगातार खिलाना चाहिए। वहीं, सैमसन को भी प्लेइंग XI में रखना है तो उन्हें नंबर-3 पर मौका देना चाहिए। इससे इन दोनों खिलाड़ियों की काबिलियत का फायदा टीम इंडिया को मिलेगा।
यह भी पढ़ें: 3 भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने न्यूजीलैंड ODI सीरीज में किया अच्छा प्रदर्शन, तो खेल जायेंगे वर्ल्ड कप 2027