अपने करियर में कभी OUT नहीं हुआ ये भारतीय बल्लेबाज, लेकिन गंदी राजनीति के चलते खत्म हुआ करियर
Published - 14 Aug 2026, 09:47 PM
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Indian Batter: टीम इंडिया (Team India) के लिए खेलना जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा कठिन लंबे समय तक अपनी जगह बनाए रखना है। भारतीय क्रिकेट में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद पर्याप्त अवसर नहीं मिले। ऐसा ही एक बाएं हाथ का बल्लेबाज तीन वनडे मैच खेलने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया।
हैरानी की बात यह है कि उसे कोई भी गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आउट नहीं कर पाया था। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने फिर कभी उस पर भरोसा नहीं जताया। प्रशंसक इसे चयन की राजनीति से जोड़ते हैं, हालांकि इसके समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण मौजूद नहीं है।
सौरभ तिवारी को माना जाता था दूसरा धोनी
यह बदकिस्मत बल्लेबाज झारखंड के सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwary) हैं। लंबे बाल, आक्रामक बल्लेबाजी और झारखंड से संबंध होने के कारण उनके करियर की शुरुआत में प्रशंसक उन्हें ‘दूसरा महेंद्र सिंह धोनी’ कहने लगे थे। सौरभ वर्ष 2008 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी थे।
आईपीएल 2010 में मुंबई इंडियंस के लिए शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने उस सीजन 16 मुकाबलों में 419 रन बनाए थे और इमर्जिंग प्लेयर का पुरस्कार अपने नाम किया था। उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर चयनकर्ताओं ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुना। सौरभ ने 20 अक्टूबर 2010 को विशाखापत्तनम में अपना वनडे डेब्यू किया।
दो पारियों में कोई गेंदबाज नहीं कर पाया आउट
सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwary) ने अपने पहले वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 12 रन बनाए और विराट कोहली के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ बेंगलुरु वनडे में उन्होंने नाबाद 37 रनों की उपयोगी पारी खेली। इस मुकाबले में भी वह टीम को लक्ष्य तक पहुंचाकर मैदान से वापस लौटे।
उन्हें तीसरे वनडे में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। इस प्रकार सौरभ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीन मुकाबले खेले और दो पारियों में कुल 49 रन बनाए। दोनों ही पारियों में वह नाबाद रहे। इसी कारण उनके वनडे रिकॉर्ड में बल्लेबाजी औसत दर्ज नहीं है, क्योंकि औसत निकालने के लिए कम से कम एक बार आउट होना आवश्यक होता है।
बिना गलती किए समाप्त हो गया अंतरराष्ट्रीय करियर
दोनों पारियों में नाबाद रहने के बावजूद सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwary) को दिसंबर 2010 के बाद भारतीय टीम से खेलने का मौका नहीं मिला। उस दौर में युवराज सिंह, सुरेश रैना, विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे बल्लेबाज मध्यक्रम में स्थापित थे। फिटनेस, चोट और कड़ी प्रतिस्पर्धा ने भी सौरभ की वापसी मुश्किल बना दी।
उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 8,000 से ज्यादा प्रथम श्रेणी रन बनाए और आईपीएल (IPL) में भी लंबे समय तक खेलते रहे। फिर भी चयनकर्ताओं ने उन्हें दोबारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं आजमाया। प्रशंसक इसे राजनीति और पक्षपात बताते रहे, लेकिन इसका कोई प्रमाण सामने नहीं आया। आखिरकार फरवरी 2024 में सौरभ ने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इस तरह बिना आउट हुए उनका अंतरराष्ट्रीय करियर केवल तीन वनडे मैचों में सिमट गया।
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यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।