कमाल की गेंदबाजी करके भी जडेजा की जगह नहीं ले सकते हैं अक्षर पटेल, यह हैं 3 कारण
Published - 26 Feb 2021, 08:02 AM
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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के चोटिल होने के चलते टीम इंडिया में लेफ्ट आर्म स्पिनर रविंद्र जडेजा को शामिल किया गया। स्पिनर ने अब तक भारत के लिए दो मैच खेले हैं और कमाल की गेंदबाजी की है।
चेन्नई में खेले गए इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में डेब्यू करते हुए अक्षर पटेल ने पहले ही मैच में फाइव विकेट हॉल लेते हुए सात विकेट चटकाए। इसके बाद पिंक बॉल से खेले गए डे-नाइट मैच में तो अक्षर की गेंदबाजी इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए सिर दर्दी ही बन गई और अक्षर ने पहली पारी में 6 और दूसरी पारी में 5 विकेट लेते हुए कुल 11 विकेट चटका लिए।
सिर्फ दो मैच में अक्षर ने 18 विकेट अपने नाम कर लिए हैं। जिस तरह की गेंदबाजी वह कर रहे हैं उसको देखते हुए कई लोगों को लग रहा है कि वह रविंद्र जडेजा का पर्मानेंट रिप्लेसमेंट बन सकते हैं। लेकिन इस आर्टिकल में हम आपको 3 ऐसे कारण बताते हैं, जिसके चलते टीम में कभी भी अक्षर, जडेजा की जगह नहीं ले सकते हैं।
3 कारणों के चलते रविंद्र जडेजा की जगह नहीं ले सकते अक्षर
जडेजा के पास है अनुभव
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भारत के दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा इस वक्त चोटिल होने के चलते भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में टीम में शामिल हुए अक्षर पटेल लगातार बढ़ियां गेंदबाजी कर रहे हैं। मगर यदि आपको ऐसा लगता है कि वह टीम में जड्डू की जगह ले सकते हैं, गलत होगा।
दरअसल, रविंद्र जडेजा के पास भारत के लिए 51 टेस्ट,168 वनडे और 50 टी20 मैच खेले हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा-खासा अनुभव है और जैसा की आप सभी जानते हैं कि अनुभवी और इन फॉर्म खिलाड़ी की टीम को हमेशा ही जरुरत होती है।
रविंद्र जडेजा का अनुभवी होना उन कारणों में से एक है, जिसके चलते अक्षर पटेल कभी भी उनकी जगह नहीं ले सकते। हां, लेकिन वह जडेजा की गैरमौजूदगी में टीम के लिए एक बेहतरीन विकल्प होते हैं।
फील्डिंग से पलट सकते हैं मैच
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भारत के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ना केवल अपनी शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, बल्कि वह अगर मैदान पर होते हैं, तो अपनी फील्डिंग से भी मैच का रुख पलटने का बूता रखते हैं।
जडेजा कमाल की डाइव लगाने, जंप करके कैच पकड़ने और तेज रफ्तार से गेंद का पीछा करने में माहिर हैं। इसके अलावा उनके डायरेक्ट थ्रो के क्या कहने। जड्डू को मौजूदा वक्त में यदि टीम का सर्वश्रेष्ठ फील्डर कहा जाए, तो गलत नहीं होगा।
फील्डिंग के ब्रांड एंबेसडर जोंटी रोड्स ने भी कई बार जडेजा की फील्डिंग का तारीफ की है। तीनों ही फॉर्मेट में जडेजा ने अपनी फील्डिंग की छाप छोड़ी है। इसलिए फील्डिंग भी उन कारणों में से एक है जिसके चलते अक्षर पटेल टीम में रविंद्र जडेजा की जगह नहीं ले सकेंगे, क्योंकि अब तक दो टेस्ट मैचों में अक्षर ने फील्डिंग करते हुए कुछ खास नहीं किया है।
बल्लेबाजी से देते हैं जीत में योगदान
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ऑलराउंडर खिलाड़ी रविंद्र जडेजा की ना केवल गेंदबाजी और फील्डिंग उनकी ताकत है, बल्कि वह निचले क्रम पर तेजी से रन बनाने में भी माहिर हैं। पिछले कुछ सालों में तो जडेजी टीम इंडिया का अभिन्न हिस्सा बनकर सामने आए हैं।
जब तक वह क्रीज पर रहते हैं, तो भारत को जीत की उम्मीद बनी रहती है। यदि आप जडेजा के आंकड़ों पर गौर करें, तो उन्होंने दरअसल, रविंद्र जडेजा के पास भारत के लिए 51 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 220 विकेट तो चटकाए ही हैं, साथ ही साथ उन्होंने 1954 रन भी बनाए हैं।
वहीं सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 168 वनडे मैचों में 188 विकेट 2411 रन और 50 टी20आई मुकाबलों में 217 रन 39 विकेट चटकाए हैं। वहीं अब तक खेले गए दो मुकाबलों में अक्षर पटेल बल्ले से टीम के स्कोर में योगदान नहीं दे सके हैं।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।