PSL खत्म होते ही PCB पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, करोड़ों के नुकसान का खतरा, कानूनी कार्रवाई की धमकी
Published - 07 May 2026, 02:53 PM | Updated - 08 May 2026, 01:01 PM
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PSL: पाकिस्तान सुपर लीग को समाप्त हुए चार दिन (7 मई) हो चुके हैं। पीएसएल 2026 का फाइनल मैच 3 मई को पेशावर जाल्मी और हैदराबाद किंग्समेन के बीच खेला गया था, जहां बाबर आजम की कप्तानी में पेशावर जाल्मी ने खिताब पर कब्जा किया।
पेशावर का यह दूसरा खिताब था, जबकि बाबर आजम की कप्तानी में यह पेशावर ने पहली खिताबी जीत दर्ज ही है। टूर्नामेंट अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके खत्म होते ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बोर्ड को करोड़ों रुपये का नुकसान का खतरा है, जिसके लिए वह कानूनी कार्रवाई की धमकी पर उतर आया है।
PSL के बाद पैसों की मारामारी!
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) समाप्त हुए अभी एक सप्ताह भी नहीं बिता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, पीएसएल फ्रेंचाइजियों, ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स और कमर्शियल पार्टनर्स के बीच पैसों की मारामारी शुरू हो चुकी है।
दरअसल, पीसीबी ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अरबों पाकिस्तानी रुपये के बयाका की वसूली अभियान चलाया है। यहां तक की समय पर पैसा नहीं मिलने के बाद पीसीबी ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है। एक सूत्र ने जानकारी दी कि
“शुरुआत में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की कुछ डिफॉल्टर फ्रेंचाइजी को भी नोटिस भेजा गया था कि वे अपनी बकाया वार्षिक फीस का भुगतान करें या कार्रवाई का सामना करें।
इन फ्रेंचाइजी ने अब अपना बकाया चुका दिया है, लेकिन उन्होंने बोर्ड से यह भी अनुरोध किया है कि केंद्रीय कोष से फ्रेंचाइजी के लिए 2010 से लंबित उनके हिस्से का भुगतान किया जाए।”
फ्रेंचाइजियों की बढ़ी चिंताएं!
इस पूरे विवाद ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में कुछ टीम मालिकों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। अभी तक पीसीबी ने सेंट्रल रेवेन्यू पूल से उनकी हिस्से की राशि जारी नहीं की है। एक फ्रेंचाइजी ने जानकारी दी कि पीएसएल (PSL) के 10वें संस्करण का लगभग 96 करोड़ पाकिस्तानी रूपये बकाया है।
इसके जवाब में क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि जब तक सभी पक्षों की तरफ से वित्तीय प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं हो जाती, तब तक फंड जारी नहीं किया जा सकता है। यानी पाकिस्तान बोर्ड उन फ्रेंचाइजियों के भी पैसे रोके हुए हैं, जिन्होंने समय रहते अपने हिस्से का पैसा चुका दिया है।
PSL की साख बचाने की कोशिश
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की चुनौतियां सिर्फ फ्रेंचाइजी मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञापनदाताओं और प्रायोजकों ने भी परेशानियों को बढ़ाया हुआ है।
अब तक इन्होंने बोर्ड को भुगतान नहीं किया है और स्थिति तब और जटिल हो गई, जब पीसीबी ने पीएसएल 11 के अधिकार एक ऐसी इकाई को बेचे, जिनके पास रावलपिंडी फ्रेंचाइजी भी है और उसने राइट्स को वापस उसी पुरानी कंपनी को सब-लाइसेंस पर दे दिया, जो कि पहले से डिफॉल्टर है।
कुल मिलाकर पीसीबी की यह कोशिश है कि वह लीग के भविष्य को बचा सके, जिसका अस्तिव अब खतरे में नजर आ रहा है।
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