6,6,6,6,6,6..... क्रिकेट में हुआ चमत्कार! महज 3.2 ओवर में इस भारतीय बल्लेबाज ने ठोका शतक, दुनिया हैरान
Published - 13 May 2026, 05:59 PM | Updated - 13 May 2026, 06:11 PM
Table of Contents
क्रिकेट में चौके-छक्कों की बारिश अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन कुछ पारियां ऐसी होती हैं जो सालों तक लोगों के जेहन में बनी रहती हैं। भारतीय क्रिकेट के एक खिलाड़ी ने भी ऐसा ही कारनामा किया था, जिसने हर किसी को चौंका दिया।
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) ने एक टी20 मैच में इतनी खतरनाक बल्लेबाजी की कि विरोधी टीम के गेंदबाज सिर्फ तमाशा देखते रह गए। साहा ने बेहद कम गेंदों में शतक लगाकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे आज भी फैंस याद करते हैं। उनकी यह पारी क्रिकेट इतिहास की सबसे विस्फोटक पारियों में गिनी जाती है।
मैदान पर Wriddhiman Saha गेंदबाजों पर टूट पड़े

साल 2018 में जे.सी. मुखर्जी टी20 टूर्नामेंट के दौरान मोहन बागान क्लब और बंगाल नागपुर रेलवे रिक्रिएशन क्लब के बीच मुकाबला खेला गया। इस मैच में ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) ने ओपनिंग करते हुए शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया।
लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं था, लेकिन साहा शायद मैच जल्दी खत्म करने के इरादे से मैदान पर उतरे थे। उन्होंने पहली कुछ गेंदों से ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए। मैदान के चारों तरफ छक्कों की बरसात होने लगी और विरोधी टीम के गेंदबाज दबाव में आ गए।
साहा ने सिर्फ 20 गेंदों में नाबाद 102 रन बना दिए। उनकी इस पारी में 14 छक्के और 4 चौके शामिल थे। सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि उन्होंने रन बनाने के लिए ज्यादा दौड़ भी नहीं लगाई। ज्यादातर रन सीधे बाउंड्री से आए। दर्शक भी उनकी बल्लेबाजी देखकर रोमांचित हो गए थे।
एक ओवर में लगातार 6 छक्के लगाया
इस पारी का सबसे बड़ा आकर्षण सातवां ओवर रहा। बंगाल नागपुर रेलवे टीम के गेंदबाज अमन प्रसाद गेंदबाजी करने आए, लेकिन साहा (Wriddhiman Saha) ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ दिए।
हर गेंद स्टैंड में जा रही थी और मैदान पर मौजूद लोग खुशी से झूम उठे। उस ओवर में कुल 37 रन बने। साहा की बल्लेबाजी इतनी खतरनाक हो चुकी थी कि विरोधी कप्तान के पास कोई जवाब नहीं बचा था।
BNR रिक्रिएशन क्लब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 151 रन बनाए थे, लेकिन मोहन बागान क्लब ने यह लक्ष्य सिर्फ 7 ओवर में हासिल कर लिया। टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए मुकाबला अपने नाम कर लिया। साहा के साथ कप्तान शुभोमय दास भी क्रीज पर मौजूद थे, जिन्होंने तेजतर्रार 43 रन बनाए, लेकिन सारी सुर्खियां ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) के नाम रहीं।
टीम इंडिया के लिए भी शानदार रहा सफर
ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को भारतीय क्रिकेट में बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने टीम इंडिया के लिए कई अहम मुकाबले खेले। खासकर टेस्ट क्रिकेट में उनकी विकेटकीपिंग की काफी तारीफ होती थी।
साहा ने भारत के लिए 40 टेस्ट मैच खेले और कई महत्वपूर्ण पारियां भी खेलीं। साल 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची टेस्ट में उन्होंने शानदार शतक लगाया था, जिसने भारत को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला था। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनकी विकेटकीपिंग काफी मजबूत मानी जाती थी।
हालांकि बाद में टीम इंडिया में युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिलने लगे और साहा धीरे-धीरे टीम से बाहर हो गए। साल 2021 के बाद उन्हें भारतीय टीम में मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली।
भले ही ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) अब इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी वह तूफानी टी20 पारी आज भी क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर देती है। भारतीय बल्लेबाज द्वारा खेली गई यह पारी हमेशा क्रिकेट इतिहास में याद रखी जाएगी।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर