चयनकर्ता को पद छोड़ने के बाद मिस्बाह-उल-हक़ का PCB पर फूटा गुस्सा, बोर्ड को लगाई जमकर लताड़
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Misbah-ul-Haq slams PCB: पाकिस्तान टीम के इंग्लैंड दौरे के बीच उथल-पुथल मची हुई है। दूसरे टेस्ट के बाद, PCB ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक़ समेत 7 खिलाड़ियों को स्क्वाड से बाहर किया और उनकी जगह दूसरे खिलाड़ियों को शामिल किया। वहीं, चयन समिति को वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दौरे के लिए रिजवान और इमाम के चयन को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।
इसी दौरान पाकिस्तान टीम की चयन समिति के पैनल में शामिल मिस्बाह-उल-हक़ (Misbah-ul-Haq) ने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया। अब उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर दोहरेपन का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है।
Misbah-ul-Haq ने PCB पर बोला हमला, दोहरेपन का लगाया आरोप

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अलग-अलग भूमिकाएं निभा चुके मिस्बाह-उल-हक़ ने अपने देश के क्रिकेट बोर्ड पर बड़ा आरोप लगाया है। मिस्बाह ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में विदेशी कोचों की तुलना में घरेलू कोचों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी कोचों की PCB ही नहीं, बल्कि सभी के द्वारा ज्यादा बारीकी से जांच-परख की जाती है।
लोकल और विदेशी कोचों के साथ अलग रवैये को लेकर मिस्बाह-उल-हक़ ने क्या कहा?
पाकिस्तानी टीवी शो पर मिस्बाह-उल-हक़ (Misbah-ul-Haq) ने कहा,
"यह एक सच्चाई है कि पाकिस्तान क्रिकेट में स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है। विदेशी कोचों की तुलना में स्थानीय कोचों को ज्यादा जांच-पड़ताल और आलोचना का सामना करना पड़ता है।
"मुझे नहीं लगता कि विदेशी कोच रखने में कोई बुराई है, लेकिन मुझे जो बात परेशान करती है, वह यह है कि हम (फैंस, आलोचक, मीडिया, PCB) विदेशी कोचों के प्रति थोड़ा नरम रुख रखते हैं। हम विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और ताकत देते हैं और अगर टीम खराब प्रदर्शन करती है, तो उन्हें कम जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसके विपरीत, स्थानीय कोचों को हमेशा सबकी कड़ी नजर का सामना करना पड़ता है।"
पाकिस्तान क्रिकेट में बताई लॉन्ग-टर्म प्लानिंग की कमी
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान टीम के स्क्वाड के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया। हेड कोच सरफराज अहमद और उनके सहायक उमर गुल को हटा दिया गया। वहीं, व्हाइट बॉल कोच माइक हेसन को कार्यभार सौंप दिया गया।
इसी वजह से मिस्बाह-उल-हक़ (Misbah-ul-Haq) ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में धैर्य की कमी है और तुरंत फैसले ले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा,
"हमें दबाव में आकर कॉस्मेटिक सर्जरी (ऊपरी बदलाव) नहीं करनी चाहिए और न ही घबराना चाहिए। हमें प्रदर्शन और हालात का विश्लेषण करना होगा और फिर तय करना होगा कि आगे कैसे बढ़ना है। दुर्भाग्य से, पाकिस्तान क्रिकेट में हमें तुरंत प्रतिक्रिया देने वाले (रिएक्टिव) फैसले लेने की आदत हो गई है।"
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