इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) आने वाले वर्षों में अपने सबसे बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। BCCI ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अगले मीडिया राइट्स साइकिल में टूर्नामेंट को 74 मैचों से बढ़ाकर 94 मैचों तक पहुंचाया जा सकता है।
इस बदलाव के साथ फैंस को पहले से कहीं ज्यादा क्रिकेट देखने को मिलेगा, वहीं सभी टीमें पूरे सीजन में 18-18 मुकाबले खेलती नजर आएंगी। IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी इस दिशा में BCCI की योजना को स्पष्ट कर दिया है।
हर टीम खेलेगी होम और अवे मुकाबले
BCCI की नई योजना के तहत मौजूदा “वर्चुअल ग्रुप” सिस्टम को हटाकर पारंपरिक डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट लागू किया जाएगा। इसका मतलब होगा कि हर टीम दूसरी सभी टीमों से दो-दो बार भिड़ेगी। एक मुकाबला अपने घरेलू मैदान पर होगा, जबकि दूसरा विपक्षी टीम के होम ग्राउंड पर खेला जाएगा।
पहले आठ टीमों के दौर में IPL इसी फॉर्मेट पर खेला जाता था, लेकिन 10 टीमों के शामिल होने के बाद मैचों की संख्या को नियंत्रित रखने के लिए ग्रुप सिस्टम अपनाना पड़ा। अब BCCI फिर से पुराने और ज्यादा संतुलित फॉर्मेट की ओर लौटना चाहता है ताकि सभी टीमों को बराबरी का मौका मिल सके।
2028 से लागू हो सकता है नया फॉर्मेट
हालांकि BCCI इस बदलाव को तुरंत लागू नहीं कर पाएगा। इसकी सबसे बड़ी वजह ICC का फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) है, जो 2027 तक पहले से तय है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण IPL को सीमित विंडो मिलती है, जिसमें 94 मुकाबले करवाना आसान नहीं है।
इसी कारण BCCI अब 2027 के बाद के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में बड़ी विंडो हासिल करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड लगभग ढाई महीने की विशेष विंडो चाहता है, ताकि दुनिया भर के खिलाड़ी बिना किसी अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दबाव के IPL में हिस्सा ले सकें। यदि यह योजना सफल होती है तो 2028 से आईपीएल का नया और बड़ा फॉर्मेट देखने को मिल सकता है।
दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने की कोशिश
BCCI का यह फैसला सिर्फ मैच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दर्शकों की रुचि को लगातार बनाए रखने की रणनीति भी शामिल है। मौजूदा फॉर्मेट में कई बार लीग के बीच के चरण में दर्शकों की संख्या में गिरावट देखने को मिलती है। ग्रुप आधारित पॉइंट्स टेबल और जटिल समीकरणों के कारण फैंस के लिए पूरे टूर्नामेंट को ट्रैक करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
नई “फुटबॉल-स्टाइल” लीग टेबल में हर टीम एक ही स्टैंडिंग में नजर आएगी, जिससे फैंस के लिए अंक तालिका को समझना आसान होगा। इससे हर मुकाबले का महत्व भी बढ़ जाएगा और ब्रॉडकास्टर्स को लगातार व्यूअरशिप मिलने की उम्मीद रहेगी।
IPL में 10 टीमों पर ही रहेगा फोकस
मैचों की संख्या बढ़ाने के बावजूद BCCI फिलहाल टीमों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। अरुण धूमल ने साफ कहा है कि 10 टीमों के साथ ही 94 मैचों का फॉर्मेट सबसे संतुलित विकल्प रहेगा। यदि टीमों की संख्या 12 की जाती है तो टूर्नामेंट की अवधि और ज्यादा लंबी हो जाएगी, साथ ही घरेलू खिलाड़ियों का टैलेंट पूल भी बंट सकता है।
BCCI फिलहाल आईपीएल की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना चाहता है। यही वजह है कि बोर्ड पहले मौजूदा टीमों के साथ अधिक मुकाबले करवाने पर जोर दे रहा है, ताकि फैंस को ज्यादा क्रिकेट मिले और लीग की लोकप्रियता भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।