टिकट ब्लैक में बेचकर चिन्नास्वामी स्टेडियम का बावर्ची बना लखपति, बड़े घोटाले का भंडाफोड़, पुलिस ने किया गिरफ्तार
Published - 18 Apr 2026, 08:43 AM | Updated - 18 Apr 2026, 08:50 AM
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बेंगलुरु के प्रसिद्ध चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) में एक बड़ा टिकट घोटाला सामने आया है, जिसमें स्टेडियम के अंदर काम करने वाला कैंटीन कर्मचारी लाखों रुपये कमाते‑कमाते पकड़ा गया।
आईपीएल के मैच के टिकटों की कालाबाज़ारी करने वाला यह बावर्ची लाखों का खेल खेल रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। इसी मामले को लेकर ट्विटर पर भी बहुत ज़्यादा चर्चा हो रही है, जिसमें फैंस टिकट व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
Chinnaswamy Stadium के कैंटीन वाला कौन था?

पकड़े गए आरोपी की पहचान चंद्रशेखर के रूप में हुई है, जो चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) के अंदर स्थित श्री लक्ष्मी कैंटीन में बावर्ची की तरह काम करता था। इस तरह की हैंडलिंग व इंटरनल एक्सेस की वजह से वह टिकटों की असली डिस्ट्रीब्यूशन लाइन तक आसानी से पहुंच पा रहा था।
पुलिस की जांच में पता चला कि वह आईपीएल मैचों के टिकटों को सीधे ऑनलाइन बुकिंग से ज़्यादा कीमत पर बेच रहा था, जिससे उसे हर टिकट पर भारी फायदा मिल रहा था। इस तरह कैंटीन की आड़ में बना यह नेटवर्क धीरे‑धीरे बड़े स्तर की ब्लैक मार्केटिंग में बदल गया।
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180 से ज़्यादा टिकट, कई गुना महंगे दाम
पुलिस के मुताबिक, इस कैंटीन कर्मचारी के पास से लगभग 100 से ज़्यादा आईपीएल टिकट बरामद किए गए, जबकि उसके ऑनलाइन और दोस्त‑करीबियों के ज़रिए बेचे गए टिकटों की संख्या कुल मिलाकर 180 से अधिक मानी जा रही है।
चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) के रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मैचों के ब्लॉक‑बी और ब्लॉक‑सी टिकट पर विशेष तौर पर इस घोटाले का ध्यान रहा।
जांच में सामने आया कि वास्तविक कीमत से कहीं कम रेट पर लिए गए टिकट वह 15,000 से 19,000 रुपये तक में बेच रहा था। ऐसे में अगर सिर्फ औसत गुणा लिया जाए तो यह ब्लैक ट्रांजैक्शन लाखों रुपये के फायदे में तब्दील हो चुके थे, जिसे लेकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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बड़े नेटवर्क का खुलासा और फैंस का गुस्सा
इस गिरफ्तारी से सिर्फ एक अकेले कर्मचारी का किस्सा ही नहीं खुला, बल्कि पुलिस का कहना है कि यह मीयोरपो फ्रंट और अंदरूनी सूत्रों से जुड़े एक बड़े ब्लैक मार्केट नेटवर्क का हिस्सा लगता है।
चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) के आसपास टिकट और मोबाइल चोरी जैसे कई अन्य केस भी चल रहे हैं, जिससे स्टेडियम की सिक्योरिटी, टिकट डिस्ट्रीब्यूशन और इवेंट मैनेजमेंट सब पर सवाल उठ रहे हैं।
फैंस सोशल मीडिया पर इस मामले पर गुस्से में हैं, क्योंकि एक तरफ वे ऑनलाइन टिकट के लिए घंटों बैठे रहते हैं, तो दूसरी तरफ अंदरूनी लोग कई गुना महंगे टिकट बेचकर लाखों कमा रहे हैं।
इसी वजह से अब आईपीएल और चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) की टिकट‑सिस्टम में पारदर्शिता लाने और अंदरूनी खेल पर रोक लगाने की मांग ज़ोरों पर है।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर