4 बड़ी वजह, जिसके चलते IPL 2026 से बाहर होने के कगार पर CSK, इन कारणों से ही Dhoni की टीम रह गई पीछे
Table of Contents
पांच बार की आईपीएल चैंपियन टीम CSK को कल रात को सनराइज़र्स हैदराबाद के खिलाफ पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद प्लेऑफ की रेस में चेन्नई की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। चेन्नई की मौजूदा स्थिति की बात की जाए तो उन्होंने अब तक 13 मैचों में. छह जीत और सात हार के साथ 12 अंक हैं और पॉइंट्स टेबल पर छठे स्थान पर मौजूद हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद की इस जीत के साथ टीम ने न सिर्फ खुद प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया, बल्कि गुजरात टाइटंस की जगह भी प्लेऑफ में पक्की हो गई। अब तक प्लेऑफ के लिए RCB , SRH और GT अपनी जगह सुनिश्चित कर चुके हैं, जबकि अब सिर्फ एक स्थान बाकी है।
ऐसे में CSK के लिए प्लेऑफ में पहुंचने की राह बेहद कठिन हो गई है। अब टीम को सिर्फ अपने गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी लीग मैच में जीत दर्ज करने के साथ साथ अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है।
आज हम बात करेंगे उन चार बड़ी वजहों पर, जिसके चलते IPL 2026 से बाहर होने के कगार पर CSK पहुंची। आइये एक नज़र डालते हैं उन चार कारणों पर :
4 बड़ी वजह, जिसके चलते IPL 2026 से बाहर होने के कगार पर CSK :
1. मध्यक्रम का लगातार फ्लॉप होना
CSK की सबसे बड़ी समस्या इस सीजन में उनकी बल्लेबाजी रही है। टीम को कई मुकाबलों में अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन मध्यक्रम उस लय को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाया। बड़े मैचों में लगातार विकेट गिरने से रन गति प्रभावित हुई।
कई मैचों में देखने को मिला कि शुरुआती 10 ओवरों के बाद CSK का रनरेट तेजी से गिरा। टी20 क्रिकेट में जहां 190-200 का स्कोर सामान्य होता जा रहा है, वहीं CSK कई बार 170-180 के आसपास रुकती दिखी।
यही कारण है कि विपक्षी टीमों को लक्ष्य हासिल करने में ज्यादा दबाव महसूस नहीं हुआ। हालिया मुकाबलों में भी टीम की बल्लेबाजी पर सवाल उठे हैं।
2. कप्तानी और रणनीति में कमी टीम पर पड़ी भारी
CSK लंबे समय तक अपनी मजबूत रणनीति और स्थिर नेतृत्व के लिए जानी जाती रही है, लेकिन IPL 2026 में टीम की कप्तानी और फैसलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। इस सीजन में ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी को लेकर भी काफी चर्चा हुई, क्योंकि कई मौकों पर उनके फैसले टीम के पक्ष में जाते हुए नहीं दिखे।
गेंदबाजी बदलाव, प्लेइंग XI में लगातार फेरबदल और बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के कारण टीम सही संतुलन नहीं बना सकी। कई मैचों में रणनीतिक फैसले भी उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहे, जिसका सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर दिखाई दिया।
कप्तानी को लेकर हुई आलोचनाओं के बीच CSK का प्रदर्शन भी लगातार प्रभावित रहा, जिससे टीम प्लेऑफ की दौड़ में पिछड़ती चली गई।
3. मुख्य खिलाड़ियों की चोटों ने बिगाड़ा टीम का संतुलन
IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स को चोटों के रूप में कई बड़े झटके झेलने पड़े, जिसका असर सीधे टीम के प्रदर्शन पर दिखाई दिया। सीजन शुरू होने से पहले तेज गेंदबाज नाथन एलिस की चोट ने टीम की गेंदबाजी योजनाओं को प्रभावित किया। इसके बाद टूर्नामेंट के दौरान कई अन्य खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं ने भी CSK की मुश्किलें बढ़ा दीं।
खलील अहमद, आयुष म्हात्रे, जेमी ओवरटन और रामकृष्ण घोष जैसे खिलाड़ी भी चोट के कारण टीम से बाहर हुए, जिससे टीम को लगातार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने पड़े। वहीं अनुभवी खिलाड़ी एमएस धोनी भी सीजन से पहले पिंडली की चोट से जूझते नज़र आए थे और जिसके चलते वह इस सीजन एक भी मैच नहीं खेल पाएं।
लगातार खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम का संतुलन बिगड़ा और CSK अपनी सबसे मजबूत संयोजन के साथ लगातार मैदान पर उतरने में सफल नहीं रही।
4. खराब फील्डिंग ने बढ़ाई मुश्किलें
किसी भी टी20 टीम के लिए फील्डिंग मैच का रुख बदल सकती है, लेकिन IPL 2026 में सीएसके इस विभाग में संघर्ष करती दिखाई दी। टीम ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर आसान कैच छोड़े, जिसका खामियाजा उन्हें मैचों में हार के रूप में भुगतना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स ने इस सीजन लगभग 20 कैच छोड़े हैं और टीम की कैच पकड़ने की सफलता दर करीब 73% रही है। यानी टीम ने लगभग 27% कैच गंवाए हैं।
टी20 क्रिकेट में छोड़े गए कैच कई बार मैच का परिणाम बदल देते हैं, क्योंकि विरोधी बल्लेबाज अतिरिक्त मौके का फायदा उठाकर बड़े स्कोर बना लेते हैं। इससे गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता है और पूरी टीम की रणनीति प्रभावित होती है।
ये भी पढ़ें: Mumbai Indians को लगा बड़ा झटका! 2 स्टार खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर, लौटे वापस अपने घर