महिला टी20 वर्ल्ड कप में क्या भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी मिलाएंगे हाथ? BCCI अध्यक्ष ने सूना दिया अपना अंतिम फैसला
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BCCI : महिला टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 11 जून से होने जा रही है और टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जब भी दोनों टीमें आमने-सामने आती हैं, तो क्रिकेट से इतर कई मुद्दे भी सुर्खियों में आ जाते हैं। दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया हैं और दोनों टीमों के बीच 14 जून को बर्मिंघम में आमना सामना होगा।
इस बार सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी मैच से पहले या बाद में एक-दूसरे से हाथ मिलाते नजर आएंगे या फिर पहले की तरह नो-हैंडशेक पॉलिसी जारी रहेगी। इस पूरे मामले पर अब BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने अपना पक्ष साफ कर दिया है।
BCCI अध्यक्ष ने हैंडशेक को लेकर साफ किया रुख
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों और हैंडशेक विवाद को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फिलहाल उन्हें खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने की संभावना नजर नहीं आती।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह खिलाड़ियों का व्यक्तिगत फैसला हो सकता है। अगर खिलाड़ी सहज महसूस नहीं करते हैं तो उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
मिथुन मन्हास ने भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में अभिवादन के लिए नमस्ते की परंपरा रही है और हाथ मिलाना कोई अनिवार्य परंपरा नहीं है। उनके इस बयान के बाद यह साफ माना जा रहा है कि आगामी महिला टी20 वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम का रुख पहले जैसा ही रह सकता है।
पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर भी रखा पक्ष
BCCI अध्यक्ष ने भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में होने वाली द्विपक्षीय सीरीज को लेकर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला भारत सरकार की नीतियों के अनुसार ही लिया जाएगा। BCCI हमेशा सरकार के निर्देशों का सम्मान करता है और उसी दिशा में आगे बढ़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव हैं, लेकिन फिलहाल जो नीति लागू है, वही आगे भी जारी रहेगी। भारत और पाकिस्तान लंबे समय से केवल ICC और एशियाई टूर्नामेंट्स में एक-दूसरे के खिलाफ खेलते नजर आ रहे हैं।
एशिया कप 2025 से शुरू हुई थी नो-हैंडशेक पॉलिसी
भारत की नो-हैंडशेक पॉलिसी की शुरुआत एशिया कप 2025 के दौरान देखने को मिली थी। उस समय भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी यही तरीका अपनाया।
इस घटना के बाद यह केवल एक मैच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे टीम की नई कार्यशैली बन गया। बाद में महिला टीम और अंडर-19 टीम के मुकाबलों में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने के बजाय दूरी बनाए रखी।
बतौर अध्यक्ष मिथुन मन्हास का पहला साल रहा चुनौतीपूर्ण
मिथुन मन्हास ने अपने पहले कार्यकाल को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर उनका पहला साल काफी व्यस्त और चुनौतियों से भरा रहा। महिला वर्ल्ड कप, WPL, पुरुष टी20 वर्ल्ड कप और IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के कारण लगातार जिम्मेदारियां बढ़ती रहीं।
उन्होंने बताया कि वह इस भूमिका में नए थे, लेकिन BCCI के अन्य अधिकारियों और सहयोगियों का उन्हें पूरा समर्थन मिला। इसी वजह से वह अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में सफल रहे। अब आगामी महिला टी20 वर्ल्ड कप के दौरान सभी की नजरें भारत-पाकिस्तान मुकाबले के साथ-साथ खिलाड़ियों के व्यवहार पर भी बनी रहेंगी।
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