आखिर क्यों इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं चल रहा श्रेयस अय्यर की कप्तानी का जलवा? जानिए 3 बड़ी वजहें

Published - 11 Jul 2026, 11:42 AM | Updated - 11 Jul 2026, 12:36 PM

Shreyas Iyer 7

Shreyas Iyer Captaincy: आईपीएल में श्रेयस अय्यर को अव्वल दर्जे का कप्तान माना जाता है। इसकी बड़ी वजह से उनकी कुछ उपलब्धियां हैं। अय्यर एकमात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग टीमों को लीड करते हुए आईपीएल का फाइनल खेला है। अय्यर ने सबसे पहले यह कारनामा दिल्ली कैपिटल्स के साथ किया था। इसके बाद, 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को फाइनल तक ले गए और ख़िताब भी जीता। वहीं, 2025 में पंजाब किंग्स को खिताबी मैच में पहुंचाया, लेकिन टाइटल नहीं जीत पाए।

BCCI भी श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की कप्तानी से काफी प्रभावित नजर आया। यही वजह है कि सूर्यकुमार यादव को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद एक भी मौका दिए बिना कप्तानी से हटा दिया। हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट में कप्तानी की शुरुआत अय्यर के लिए मुश्किल रही है और उन्होंने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हार का सामना किया। इस लेख में हम वो 3 वजहें बताने जा रहे हैं कि श्रेयस को कैप्टेंसी करते हुए सफलता क्यों नहीं मिल रही है।

इन 3 वजह से कप्तान Shreyas Iyer इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं रहे सफल

1. इंटरनेशनल टी20 में लंबे समय से गैरमौजूदगी

Shreyas Iyer 8

श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) एक समय तीनों फॉर्मेट में पक्के खिलाड़ी नजर आ रहे थे लेकिन पिछले कुछ सालों में वो सिर्फ वनडे में ही नियमित रूप से खेलते नजर आए। टेस्ट से उन्हें ड्रॉप किया गया और फिर टी20 में भी उनकी जगह नहीं बनी। इस साल वापसी करने से पहले अय्यर ने 2023 में अपना अंतिम टी20 मुकाबला भारत के लिए खेला था।

इसके बाद से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। ऐसे में तीन सालों में काफी बदलाव हुए हैं, जिनके मुताबिक खुद को ढालना आसान नहीं है। इसी वजह से श्रेयस अय्यर को कप्तानी में मुश्किल हो रही है।

2. खुद को साबित करने का दबाव पड़ रहा भारी

श्रेयस अय्यर पर खुद को साबित करना का भी प्रेशर है। उन्हें अचानक से टी20 टीम में लाया गया और सीधे कप्तान बना दिया गया। अभी भी काफी सारे लोगों का मानना है कि अय्यर की जगह नहीं बनती है और उन्हें डायरेक्ट कैप्टेंसी तो बिलकुल नहीं मिलनी चाहिए थी। वापसी के बाद से बल्लेबाजी में अय्यर अभी तक एक-दो पारी ही अच्छी खेल पाए हैं लेकिन बाकी में फ्लॉप हुए हैं। वहीं, कप्तानी में भी अपने खिलाड़ियों से मैच के दौरान ज्यादा बातचीत करते नहीं दिखाई दिए, इसकी भी आलोचना हुई।

सूर्यकुमार यादव ने भले ही बल्ले से कुछ सालों से कमाल न किया हो लेकिन पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने सीरीज नहीं गंवाई थी। वहीं, टी20 वर्ल्ड कप भी जीता। ऐसे में श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) कहीं न कहीं खुद को साबित करने का दबाव जरूर महसूस कर रहे होंगे।

3. बुमराह और हार्दिक जैसे खिलाड़ियों का न होना

श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के कप्तानी कार्यकाल की पहली दो सीरीज में जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या नहीं रहे हैं। बुमराह को वर्कलोड के कारण नहीं चुना गया, जबकि पांड्या के साथ फिटनेस की समस्या को देखते हुए उन्हें सिर्फ वनडे फॉर्मेट में मौका दिया जा रहा है।

ये दोनों ही खिलाड़ी टी20 में एक्स-फैक्टर हैं लेकिन अय्यर को इनका साथ नहीं मिला है। इनकी कमी को पूरा करने में रिप्लेसमेंट के रूप में आए खिलाड़ी भी असफल हुए हैं। इसी वजह से अय्यर की कप्तानी भी असरदार नहीं दिख रही है।

यह भी पढ़ें: आखिर क्यों इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं चल रहा वैभव सूर्यवंशी का बल्ला? जानिए 3 बड़ी वजहें

Tagged:

team india shreyas iyer bcci
Prashant

प्रशांत कुमार क्रिकेट लेखक हैं, जिन्होंने 2019 में स्पोर्ट्स पत्रकारिता में कदम रखा और इसके बाद इसी... रीड मोर

For fastest livescore in India
hindi.cricketaddictor.com