वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच ने उजागर किया उस शख्स का नाम, जिसके इशारे पर नहीं मिल रहा प्लेइंग-XI में मौका
Table of Contents
भारतीय टीम में जगह बनाना आसान काम नहीं है, क्योंकि बहुत सारे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं लेकिन उनमें से कुछ की ही किस्मत चमकती है। हालांकि, कई खिलाड़ी काफी जल्दी और कम उम्र में सेलेक्ट हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के साथ हुआ, जिन्हें महज 15 साल की उम्र में चुना गया और फिर इंग्लैंड में प्लेइंग XI का हिस्सा बनते ही वे भारतीय टीम के लिए खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए।
यहां से लग रहा था कि अब वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की जगह कुछ समय तक फिक्स रहेगी और वे लगातार खेलते नजर आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वैबह्व को तीन पारियां मिलीं और फिर जिम्बाब्वे दौरे पर भेजा गया। जिम्बाब्वे में अच्छा करने के बावजूद वैभव को तब से ज्यादा मौके नहीं मिले हैं। वेस्टइंडीज टी20 सीरीज में भी वे अभी तक बाहर ही रहे हैं। इसी वजह से उनके बचपन के कोच ने टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधा है।
गंभीर की अगुआई वाले मैनेजमेंट को Vaibhav Sooryavanshi के बचपन के कोच ने सुनाई खरीखोटी

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के टैलेंट को पहचानने और तराशने में उनके बचपन के कोच मनीष ओझा की अहम भूमिका रही है। हालांकि, ओझा अब इस बात से निराश हैं कि वैभव को प्लेइंग XI में लगातार मौका क्यों नहीं मिल रहा है और बिना खेले ही खिलाड़ी कैसे सुधार कर सकता है। उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर का नाम तो नहीं लिया लेकिन टीम मैनेजमेंट को निशाना बनाया।
बेंच पर बिठाकर खिलाड़ी को नहीं किया जा सकता बेहतर
स्पोर्टस्टार से खास बातचीत में मनीष ने कहा,
"भारतीय टीम का मौजूदा मैनेजमेंट मानता है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाकर ही उन्हें तैयार किया जा सकता है, इसलिए वे ऐसा ही कर रहे हैं। क्रिकेट के कई और दिग्गज भी हैं; आप उनसे बात करेंगे तो वे सभी यही कहेंगे कि अगर अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करना है, तो उन्हें सही हालात में उतारना होगा और उनसे मैच खिलवाना होगा। बेंच पर बिठाकर कोई खिलाड़ी कभी तैयार नहीं हुआ है और न ही होगा। और खासकर तब, जब इतना टैलेंटेड खिलाड़ी बेंच पर बैठा रहे।"
टीम मैनेजमेंट के रवैये को बताया तानाशाही
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के साथ टीम मैनेजमेंट जिस तरह का रवैया अपना रहा है, उसे मनीष ओझा ने तानाशाही जैसा बताया है। उन्होंने कहा,
"या तो उन्होंने तय कर लिया है कि इस लड़के को मौका नहीं देना है... उसे बाहर रखो और इतना परेशान कर दो कि वह निराश हो जाए। अब क्या कहें? जब आप बाहर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि टीम में आपकी कोई जरूरत नहीं है; इससे लड़का निराश हो जाता है।
"इस उम्र में, इस लड़के को मैच दर मैच खेलकर परिपक्व होना चाहिए और उसके खेल में निखार और सुधार आना चाहिए। वह बाहर बैठकर पानी पिला रहा है। मुझे लगता है कि अभी जो मैनेजमेंट है, वह एक तरह की तानाशाही कर रहा है, जहां जो मन में आता है, वही करते हैं।"
अभी तक सिर्फ 8 मैच खेले हैं वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने जुलाई में टीम इंडिया के लिए टी20 डेब्यू किया था लेकिन तब से अब तक उन्हें सिर्फ 8 मैचों में ही मौका मिला है। वे अफगानिस्तान टी20 सीरीज में नहीं खेले। वहीं, जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 में भी उन्हें मौका नहीं दिया गया।
एशियन गेम्स में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) जरूर प्लेइंग XI का हिस्सा बने लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले तीनों मैचों में उन्हें बाहर ही बैठाया गया। अब देखना होगा कि 14 अक्टूबर को हैदराबाद में होने वाले मुकाबले में उन्हें अंतिम ग्यारह में जगह मिलती है या नहीं।