दो साल, दो ट्रॉफी! जानिए RCB की सफलता के 3 सबसे बड़े कारण, जानें कैसे बनी फेलियर से चैंपियन
Published - 01 Jun 2026, 01:36 PM | Updated - 01 Jun 2026, 02:35 PM
एक समय था जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का नाम इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे बदकिस्मत टीमों में गिना जाता था. विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी फ्रेंचाइजी को 17 सालों तक ट्रॉफी दिलाने में नाकाम रहे, जिसकी वजह से आरसीबी टीम अक्सर ट्रोलर्स के निशाने पर रहती थी.
लेकिन रजत पाटीदार ने साल 2025 टीम की कमान संभाल उसकी किस्मत ही बदल दी. 2025 में उनके नेतृत्व में अपना पहला खिताब जीतने के बाद, बेंगलुरु टीम 2026 में एक बार फिर चैंपियन बनी. इसके साथ ही उन्होंने इस बात का प्रमाण दे दिया है कि वह एक मजबूत और संतुलित टीम बन चुकी है. तो आइए इस लेख के जरिए जानते हैं RCB की सफलता के 3 सबसे बड़े कारणों के बारे में....
RCB की सफलता के 3 सबसे बड़े कारण
कप्तानी में बड़ा बदलाव
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की सफलता का मुख्य कारण रजत पाटीदार की कप्तानी को बताया जा रहा है. पिछले साल टीम मैनेजमेंट ने उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसके बाद वह टीम की उम्मीदों पर खरे उतरने में कामयाब हुए. उनकी रणनीति और नेतृत्व आरसीबी के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ, जिसकी मदद से बेंगलुरु दो बार चैंपियन बन सकी.
मुकाबले के दौरान रजत पाटीदार ने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करने के साथ-साथ बल्लेबाजी क्रम में जरूरत के अनुसार बदलाव किए. दबाव की स्थिति में भी वह काफी शांत दिखाई दिए. रजत पाटीदार ने बतौर बल्लेबाज भी अच्छा प्रर्दशन किया है. आईपीएल 2026 में 15 मुकाबले खेलते हुए वह 5 अर्धशतक की बदौलत 501 रन बना सके.
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बल्लेबाजों-गेंदबाजों का संतुलित प्रर्दशन

पिछले दो सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाजों के प्रर्दशन में काफी निरन्तरता देखने को मिली है. शीर्ष और मध्य क्रम के खिलाड़ियों ने मोर्चा संभालते हुए टीम के बैटिंग ऑर्डर का मजबूती प्रदान की है. विराट कोहली, जितेश शर्मा, कप्तान रजत पाटीदार, टिम डेविड और फिल साल्ट जैसे बल्लेबाज टीम की ताकत बने. इन खिलाड़ियों ने दबाव में भी संयम नहीं खोया और रन बनाने का सिलसिला जारी रखा.
वहीं, दूसरी ओर आरसीबी के गेंदबाज भी अपनी भूमिका बखूबी निभाते दिखाई दिए. पेसर्स और स्पिनर्स विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों के लिए काल साबित हुए. 31 मई को अहमदाबाद के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच में भी बेंगलुरु के बोलर्स ने गुजरात टाइटंस के स्कोर को 155 पर रोक दिया था.
ऑलराउंडर्स ने निभाई अपनी भूमिका
बैक टू बैक दो बार ट्रॉफी जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की सफलता का एक और कारण है ऑलराउंडर्स का प्रर्दशन. आईपीएल 2025 के बाद 2026 में भी ऑलराउंडर टीम की रीढ़ की हड्डी साबित हुए. उन्होंने बल्लेबाजी को गहराई देने के साथ गेंदबाजी में भी बेहतरीन प्रर्दशन दिखाया.
हालांकि, इस दौरान जिस एक ऑलराउंडर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा वो थे क्रुणाल पांड्या. आईपीएल 2026 में निचले क्रम में बल्लेबाजी कर वह 9 पारियों में 226 रन जड़ सके. जबकि गेंदबादी करते हुए उनके हाथ 14 विकेट लगी. बीच के ओवरों में उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम लगाए रखी.
ऑथर के बारे में
मानवी नौटियाल एक उत्साही और अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें खेलों की दुनिया से गहरा लगाव है।... रीड मोर