द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया का सुपरस्टार था ये खिलाड़ी, लेकिन कोच गंभीर ने बर्बाद कर दिया करियर
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भारतीय टीम (Team India) की तस्वीर अब काफी बदल गई है। पिछले छह सालों में राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर ने हेड कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इन दोनों के काम करने का तरीका काफी अलग है, साथ ही खिलाड़ियों पर भरोसे के मामले में भी अंतर देखने को मिला है। जो खिलाड़ी द्रविड़ की कोचिंग में लगातार नजर आ रहे थे, उनमें से कई प्लेयर्स को गंभीर ने ड्रॉप कर दिया और कुछ का तो करियर ही खत्म हो गया।
ऐसा ही कुछ टीम इंडिया (Team India) के एक और दिग्गज खिलाड़ी के साथ भी हो रहा है, जो राहुल द्रविड़ की कोचिंग में सबसे बड़े मैच विनर्स में से एक था लेकिन गौतम गंभीर के कार्यकाल में किसी भी फॉर्मेट में उसे जगह नहीं मिल पा रही है।
राहुल द्रविड़ की कोचिंग में Team India का अहम खिलाड़ी था ये स्टार

भारतीय टीम (Team India) के हेड कोच के रूप में राहुल द्रविड़ का कार्यकाल नवंबर 2021 से जून 2024 तक रहा। द्रविड़ ने टी20 वर्ल्ड कप के साथ मुख्य कोच के रूप में अपने टेन्योर का अंत किया। उनके कार्यकाल में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का अलग ही जलवा रहा। शमी ने भारत के लिए वनडे और टेस्ट में जबरदस्त प्रदर्शन किया और जरूरत के समय टी20आई भी खेले।
उन्होंने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में सिर्फ 7 मैचों में 24 बल्लेबाजों को पवेलियन दिखाया और हाईएस्ट विकेट टेकर रहे। वहीं, WTC 2021-23 में 45 विकेट लिए। कुल मिलाकर द्रविड़ के कार्यकाल में शमी टीम इंडिया के बहुत ही अहम खिलाड़ी बनकर उभरे।
गौतम गंभीर के कार्यकाल में मोहम्मद शमी को नहीं मिले हैं ज्यादा मौके
भारत (Team India) के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर को दो साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन मोहम्मद शमी ने उनकी कोचिंग में बहुत ही कम मुकाबले खेले हैं। शमी 2023 वर्ल्ड कप के बाद से टेंडन सर्जरी के कारण लंबे समय तक बाहर रहे और 2025 की शुरुआत में टीम इंडिया में वापसी की। इसके बाद, उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज के लिए चुना गया और फिर चैंपियंस ट्रॉफी खेले।
इन सभी को मिलाकर गंभीर के कार्यकाल में शमी ने अभी तक सिर्फ 9 मुकाबले खेले और 14 विकेट लिए। उनका आखिरी मैच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल था।
आखिर क्यों खत्म हो रहा है शमी का इंटरनेशनल करियर?
मोहम्मद शमी को डेढ़ साल से ज्यादा होने के बावजूद टीम इंडिया (Team India) में वापसी का मौका नहीं मिला है। वे किसी भी फॉर्मेट के लिए दावेदारी में नहीं हैं। इससे साफ है कि शायद गौतम गंभीर उन्हें अपनी योजनाओं में नहीं रखना चाहते। गंभीर का कार्यकाल 2027 के अंत तक है। ऐसे में गंभीर के रहते उन्हें मौका मिलने की संभावना कम ही है। शमी की उम्र भी अब बढ़ रही है और वे 36 साल के हो चुके हैं।
बढ़ती उम्र के साथ फिटनेस बरकरार रखना भी मुश्किल है। टी20आई और वनडे में कई नए तेज गेंदबाज आ चुके हैं। वहीं, टेस्ट में भी युवा पेसर्स को तैयार किया जा रहा है। इसी वजह से शमी का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म माना जा सकता है।
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