कभी छोले-कुल्चे का स्टॉल लगाता था ये भारतीय खिलाड़ी, अब हो गया सीधे टीम इंडिया में चयन
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Team India U19 Star Emotional Story: भारत में क्रिकेट खेलने वाले खलाड़ियों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसी वजह से इंडिया के लिए खेलना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। कई खिलाड़ी जूनियर लेवल तक भी नहीं पहुंच पाते हैं। हालांकि, कुछ प्लेयर अपनी कड़ी मेहनत से किस्मत बदलने का काम करते हैं और अपने संगर्ष के दम पर इतिहास बदल देते हैं। ऐसा ही कुछ जालंधर के अर्जुन राजपूत ने किया है, जिनका चयन हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए हुआ है।
बीसीसीआई की जूनियर चयन समिति ने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर होने वाली वनडे सीरीज और मल्टी-डे मैचों के लिए टीम इंडिया (Team India) के अंडर-19 स्क्वाड घोषित किए। वनडे सीरीज के लिए अर्जुन राजपूत का चयन भी हुआ है। हालांकि, यहां तक पहुंचाना उनके लिए आसान ही रहा और काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी है। यहां तक कि उन्होंने कुल्चा बेचने का स्टाल भी लगाया।
साधारण परिवार से होने के बावजूद Team India के अंडर-19 स्क्वाड में बनाई जगह

अर्जुन राजपूत बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और दाएं हाथ से गेंदबाजी करते हैं। उनका नाता एक साधारण परिवार से है। अर्जुन के पिता का नाम होती राम है, जो कुलचे बनाकर और बेकरी में काम करके गुज़ारा करते हैं, ताकि आर्थिक तंगी के बावजूद उनका बेटा क्रिकेट खेलना जारी रख सके।
टीम इंडिया (Team India) के अंडर -19 स्क्वाड में अर्जुन राजपूत के चुने जाने पर पिता होती राम ने कहा,
"मैं कई सालों से कुलचे बना रहा हूं। अर्जुन पांच साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहा है। वह बहुत प्रतिभाशाली और मेहनती है। मुझे सुबह ही उसके सिलेक्शन के बारे में पता चला और यह बहुत अच्छा लग रहा है। उसका सपना पूरा हो गया है और यह हमारे लिए बहुत खास पल है।"
हरभजन सिंह अकेडमी से की शुरुआत
अर्जुन राजपूत ने अपनी क्रिकेट जर्नी आठ या नौ साल की उम्र में ही शुरू कर दी थी। पंजाब के कई अन्य खिलाड़ियों की तरह ही उन्होंने भी बाद कदम उठाया और हरभजन सिंह अकेडमी पहुंचे। उन शुरुआती सालों ने एक क्रिकेटर के तौर पर उनके विकास की नींव रखी। अनुभवी कोचों की देखरेख में, अर्जुन ने खेल की बुनियादी बातें सीखीं और एक दिन टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सपना देखने लगे।
मुश्किल समय में कोच और परिवार का समर्थन
भारत के ऐसे तमाम खिलाड़ी हैं, जो शुरुआत में सुविधाओं के लिए तरसे। अर्जुन राजपूत भी उनमें से एक हैं। एक समय ऐसा भी था जब उन्हें ट्रेनिंग के लिए सही सुविधाएं और मौके पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रैक्टिस की जगहों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था, इसलिए जो भी संसाधन उपलब्ध थे, उन्हें उन्हीं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ा। इस मुश्किल समय में उनका समर्थन उनके कोच विक्रम सिद्धू ने किया।
टीम इंडिया (Team India) के अंडर-19 स्क्वाड में जगह बनाने वाले अर्जुन को कोच के अलावा अपने परिवार से भी खूब समर्थन मिला। पिता-माता, भाई-बहन और करीबी रिश्तेदार इस पूरे सफ़र में मजबूती से उनके साथ खड़े रहे और उन्हें अपने क्रिकेट के सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते रहे। इन सभी का प्रयास व्यर्थ नहीं गया और अर्जुन अब अपने सपने को साकार करने के करीब पहुंच गए हैं।
श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया (Team India) का अंडर-19 स्क्वाड
सागर विर्क, लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), यशबर्धन सिंह चौहान (कप्तान), विनीत वीके, अर्जुन राजपूत, कुशाग्र ओझा, रजत बघेल (विकेटकीपर), अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), अनमोलजीत सिंह, वुटकुरी यशवीर गौड़, रोहित अनिल यादव, शाविन वी, काव्या परेश पटेल, मोहित उलवा, इशान सूद
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