10वीं में 80% से ज्यादा मार्क्स, 16 की उम्र में टीम इंडिया के कप्तान! Abhishek Sharma से जुड़ी 5 बेहद रोचक बातें
Published - 22 Apr 2026, 10:52 AM | Updated - 22 Apr 2026, 10:57 AM
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Abhishek Sharma: बाएं हाथ के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का नाम आज हर कोई जानता है। 25 वर्षींय अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) को उनकी आक्रामक पारी और पावर प्ले में चौके-छक्के लगाने के लिए पहचाना जाता है।
इस खिलाड़ी ने आईपीएल 2026 के 31वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करते हुए दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ तूफानी सैकड़ा जड़ा था।
इस मैच में उनके बल्ले से 68 गेंदों पर नाबाद 135 रन की शतकीय पारी देखने को मिली थी। लेकिन आज हम आपको अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के जीवन से जुड़ी पांच रोचक बातें बताने वाले हैं, जिसको पढ़कर आप भी चौंक जाएंगे।
16 की उम्र में टीम इंडिया के कप्तान!
बेहद कम लोग जानते हैं कि अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) जितना अच्छा गेंद को मारते हैं उससे बेहतर वह कप्तान भी हैं। उन्होंने मात्र 16 वर्ष और 105 दिन की आयु में युवा वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी और वह इस तरह युवा इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र के भारतीय कप्तान बने थे। साथ ही वह इंटरनेशनल प्रतियोगिता में अपनी टीम की कप्तानी करते हुए जीत हासिल करने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं।
पढ़ाई में शानदार शर्मा जी का लड़का
अभिषेक शर्मा न सिर्फ खेल में बेहतरीन हैं, बल्कि पढ़ाई में भी उनका रिकॉर्ड शानदार है। अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने अपनी हाई-स्कूल की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल से की थी, जहां कक्षा 10 की पढ़ाई के दौरान उन्होंने 80% अंक प्राप्त किए थे।
बल्ले के अलावा गेंदबाजी में अव्वल
भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) न सिर्फ बल्लेबाजी में स्टार हैं, बल्कि गेंदबाजी में भी उनका सिक्का चलता है।
यूथ एशिया कप के फाइनल में अभिषेक ने श्रीलंका के खिलाफ 4/37 के आंकड़े दर्ज किए थे, जिससे वह यूथ वनडे टूर्नामेंट के फाइनल में 4 विकेट लेने वाले दूसरे कप्तान बन गए। पीयूष चावला ने 2006 अंडर-19 सीडब्ल्यूसी फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 4/8 विकेट लेकर यह कारनामा करने वाले पहले कप्तान थे ।
Abhishek Sharma के पिता भी रह चुके हैं क्रिकेटर
अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के पिता राज कुमार शर्मा ने एक समय अपने देश के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखा था, लेकिन वह इसे साकार न कर सके। अभिषेक के पिता बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण उन्हें प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा और वे उत्तर क्षेत्र की अंडर-22 टीम से आगे नहीं बढ़ पाए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के अवसर पाने की उम्मीद में वे संयुक्त अरब अमीरात चले गए। राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए अयोग्य पाए जाने पर वे भारत लौट आए और अमृतसर क्रिकेट संघ में पूर्णकालिक कोच बन गए।
विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अभिषेक का जलवा
2015/16 सीजन के विजय मर्चेंट ट्रॉफी के पहले मैच में अभिषेक शर्मा ने गेंद से ऐसा कोहराम मचाया कि हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी उनमें ढह गए। अभिषेक शर्मा उस समय पंजाब अंडर-19 के कप्तान थे और हिमाचल प्रदेश के खिलाफ गेंदबाजी कर रहे थे। उन्होंने पहली पारी में 17.4 ओवर में 15 रन देकर 9 विकेट के आंकड़े के साथ हिमाचल प्रदेश को मात्र 59 रनों पर ऑल आउट कर दिया।
दूसरी पारी में उन्होंने 23.4 ओवर फेंके, जिसमें 12 रन दिए और 6 विकेट लिए, जिससे हिमाचल प्रदेश मात्र 99 रनों पर ऑल आउट हो गया। इससे पहले, उन्होंने 136 गेंदों में 102 रन बनाकर पंजाब को पहली पारी में 321 रनों का स्कोर बनाने में मदद की। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत टीम ने एक पारी और 163 रनों से मैच जीत लिया।
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