कभी उधार की क्रिकेट किट से खेला, आज पहनता 50 करोड़ की घड़ी, टीम इंडिया के इस क्रिकेटर की कहानी बेहद खास

Published - 09 Sep 2026, 09:47 AM | Updated - 09 Sep 2026, 01:46 PM

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Team India: किस्मत बदलते देर नहीं लगती, बस उसे बदलने के लिए जुनून और मेहनत चाहिए..... यह कहावत हम सभी ने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से सुनी होगी। दुनिया में कई ऐसी बड़ी शख्सियतें हैं, जिन्होंने अपनी किस्मत को बदलने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया है। टीम इंडिया के एक क्रिकेटर ने भी इस कहावत को सच साबित किया है।

कभी उधार की क्रिकेट किट से खेलने वाला यह खिलाड़ी आज करोड़ों की घड़ियां पहनता है। करोड़ों की कमाई, लग्जरी गाड़ियां और महंगे कपड़े अब उनकी जिंदगी का हिस्सा हैं। लेकिन इस खिलाड़ी की आलीशान जिंदगी के पीछे संघरस की एक काफी लंबी कहानी छिपी है। आइए जानते हैं कि कौन है टीम इंडिया (Team India) का ये खिलाड़ी.....

कभी उधार की क्रिकेट किट से खेला Team India का ये खिलाड़ी

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हम बात बात कर भारतीय स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) की। 32 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग की छाप छोड़ टीम इंडिया (Team India) में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज की तारीख में वह करोड़ों रुपए की संपत्ति के मालिक हैं और लग्जरी चीजें उनकी जिंदग़ी का हिस्सा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए दूसरों से उधार की किट लेने पड़ती थी। काफी संघर्षों को सामना करने के बाद ही हार्दिक पांड्या उस मुकाम तक पहुंच पाए, जहां आज वह बेशकिमती घड़ियां और लग्जरी चीजें इस्तेमाल कर पाते हैं.

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करोड़ों की घड़ियों का है यह खिलाड़ी मालिक

11 अक्टूबर 1993 को गुजरात के सूरत में जन्मे हार्दिक पंड्या के पिता हिमांशु पांड्या कार फाइनेंस का छोटा-सा बिजनेस करते थे. लेकिन जब वह पांच साल के थे, तो तब उनके पिता को लगातार हो रहे घाटे की वजह से फाइनेंस का कारोबार बंद करना पड़ा. इसके बाद उनका परिवार बड़ौदा शिफ्ट होकर किराए के मकान में रहने लगा. आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से ऐसी भी नौबत आ गई कि हार्दिक पांड्या और उनके बड़े भाई क्रुणाल पांड्या को नाश्ता और डिनर में सिर्फ मैगी खाकर गुजारा करना पड़ता था.

किरण मोरे में हुए एडमिशन

हिमांशु पांड्या क्रिकेट के काफी बड़े फैंस थे. वह हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या को साथ में मैच दिखाते थे और क्रिकेट खेलते थे. फिर दोनों भाइयों की इस खेल में रुचि देखने के बाद उन्होंने 5 साल के हार्दिक पांड्या और 7 साल के क्रुणाल पांड्या का एडमिशन किरण मोरे की क्रिकेट एकेडमी करवाया, जहां से दोनों खिलाड़ियों के क्रिकेटर बनने की यात्रा शुरू हुई. क्रिकेट किट खरीदने के पैसे न होने की वजह से उन्हें अभ्यास में साथियों से किट मांगकर बल्लेबाजी करनी पड़ती थी.

साल 2015 में मिल बड़ा मौका

घरेलू स्तर में अपने प्रदर्शन को निखार रहे हार्दिक पांड्या को एक बड़े मौके की तालाश थी, जिसका फायदा उठाकर वह पूरी दुनिया को अपना दमखम साबित कर सके. उन्हें यह अवसर साल 2015 में मुंबई इंडियंस ने अपने खेमे शामिल करके दिया। इस फ्रेंचाजी से जुडने के बाद उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी लगातार बेहतर हुई, जिससे उनके लिए टीम इंडिया (Team India) के दरवाजे खुल गए और उन्होंने 2016 में भारत के लिए अपना पहला मैच खेला.

फिर इसके बाद हार्दिक पांड्या ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अपनी मेहनत औऱ शानदार प्रदर्शन के दम पर वह अपना नाम भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों की लिस्ट में दर्ज करवाने में कमायाब हुए। आज वह करोड़ो की घड़ियाँ, आलिशान गाड़ियों और लग्जरी जिंदग़ी के लिए सुर्खियों में रहते हैं.

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Manvi Nautiyal

मानवी नौटियाल एक उत्साही और अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें खेलों की दुनिया से गहरा लगाव है।... रीड मोर

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