IND vs SL, Pitch Report: क्या कहती कोलंबो की पिच? जानें बल्लेबाज या गेंदबाज किसका रहेगा दबदबा
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IND vs SL Colombo Pitch Report: श्रीलंका दौरे पर खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। टीम इंडिया को यह बढ़त गॉल टेस्ट में धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत 165 रनों से मिली जीत के कारण हासिल हुई। पहले मैच में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। अब इसी परफॉर्मेंस को दूसरे मैच में भी दोहराने का प्रयास होगा।
इन दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट (IND vs SL Second Test) कोलंबो में खेला जाएगा। सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर होने वाले मैच से पहले सभी के मन में पिच को लेकर सवाल हैं। भारतीय फैंस जानना चाहते होंगे कि इस पिच पर भी स्पिनर्स कमाल दिखाएंगे या फिर तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी। वहीं, बल्लेबाजों के लिए मिजाज कैसा रहेगा। इन सभी सवालों का जवाब आपको हमारे लेख में आगे मिलेगा।
IND vs SL दूसरे टेस्ट से पहले जानिए सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड का इतिहास

श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड का क्रिकेट इतिहास काफी पुराना और गौरवशाली रहा है। इस मैदान की दर्शक क्षमता करीब 10,000 है। यहां पहला टेस्ट 1984 में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था, जो ड्रॉ रहा था। वहीं, इस मैदान पर आखिरी टेस्ट पिछले साल श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया, जिसमें मेजबान टीम ने एक पारी और 78 रन से जीत दर्ज की थी।
SSC ग्राउंड को श्रीलंका का लॉर्ड्स भी कहा जाता है। साल 1952 में सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ने मैटलैंड प्लेस (सिनामन गार्डन्स) में करीब 20 एकड़ जमीन हासिल की थी। यह जगह पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अलाइड फोर्सेज के एयरबेस के रूप में इस्तेमाल होती थी। बाद में इसी जगह पर सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड को विकसित किया गया। वहीं, 1956 में यहां पवेलियन का निर्माण किया गया।
IND vs SL दूसरे टेस्ट के लिए सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड की पिच रिपोर्ट
एसएससी ग्राउंड की पिच का मिजाज पारंपरिक एशियाई पिचों जैसा ही होता है। यहां टेस्ट मैच के शुरुआती दो दिनों में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान रहता है, क्योंकि इस दौरान स्पिनर्स ज्यादा प्रभावी नहीं होते। वहीं, तेज गेंदबाज भी शुरुआती ओवरों के बाद बहुत ज्यादा असर नहीं छोड़ पाते हैं। ऐसे में बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए अच्छी परिस्थितियां मिलती हैं।
हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच से स्पिनर्स को मदद मिलने लगती है और गेंद में अच्छा बाउंस भी देखने को मिलता है। यही वजह है कि टेस्ट की चौथी पारी में बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से टॉस जीतने वाले कप्तान का फैसला पहले बैटिंग का हो सकता है।
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड के टेस्ट आंकड़े
| आंकड़ा | जानकारी |
|---|---|
| शहर | कोलंबो |
| देश | श्रीलंका |
| अन्य/पूर्व नाम | मैटलैंड प्लेस |
| पहला टेस्ट मैच | 16 मार्च 1984 |
| आखिरी टेस्ट मैच | 25 जून 2025 |
| कुल टेस्ट मैच | 46 |
| मेजबान टीम की जीत | 22 (47.83%) |
| दौरा करने वाली टीम की जीत | 10 (21.74%) |
| तटस्थ टीम की जीत | 0 (0.00%) |
| पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम की जीत | 16 (34.04%) |
| दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम की जीत | 16 (34.04%) |
| टॉस जीतने वाली टीम की जीत | 15 (31.91%) |
| टॉस हारने वाली टीम की जीत | 17 (36.17%) |
| ड्रॉ मैच | 14 (30.43%) |
| टाई मैच | 0 (0.00%) |
| सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी | 374 रन — महेला जयवर्धने (श्रीलंका) |
| एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | 9/127 — रंगना हेराथ (श्रीलंका) |
| मैच में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | 14/184 — रंगना हेराथ (श्रीलंका) |
| सर्वोच्च टीम स्कोर | 756/5 घोषित — श्रीलंका |
| सबसे कम टीम स्कोर | 81 — श्रीलंका |
| सबसे सफल रन चेज | 326/5 — श्रीलंका |
| औसत ओपनिंग साझेदारी | 38.66 रन |
| प्रति विकेट औसत रन | 34.63 |
| प्रति ओवर औसत रन | 3.08 |
| पहली पारी का औसत स्कोर | 317 रन |
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