इंग्लैंड ने इस देश के साथ बाइलेटरल सीरीज खेलने से किया मना, अब नहीं होंगे इन 2 देशों के बीच मैच
Published - 10 May 2026, 07:16 PM
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अफगानिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलने के अपने फैसले को एक बार फिर साफ कर दिया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) का कहना है कि मौजूदा हालात में अफगानिस्तान के साथ बाइलेटरल क्रिकेट खेलना संभव नहीं है।
इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में काफी चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईसीबी अब अफगानिस्तान के साथ उसी तरह का रवैया अपना रहा है जैसा भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से देखने को मिलता है।
अफगानिस्तान के खिलाफ सख्त हुआ ECB

रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने महिलाओं के अधिकारों और अफगानिस्तान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। इसी वजह से ECB ने अफगानिस्तान के साथ किसी भी बाइलेटरल सीरीज को मंजूरी नहीं देने का फैसला बरकरार रखा है।
हालांकि दोनों टीमें ICC टूर्नामेंट्स में एक-दूसरे के खिलाफ खेलती रहेंगी, लेकिन अलग से कोई टेस्ट, वनडे या टी20 सीरीज आयोजित नहीं की जाएगी। ECB का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुछ मूल्यों का पालन होना जरूरी है और इसी कारण उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है।
भारत-पाकिस्तान जैसी बनेगी स्थिती?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब इंग्लैंड और अफगानिस्तान के रिश्ते क्रिकेट मैदान पर भारत-पाकिस्तान जैसे हो सकते हैं। भारत और पाकिस्तान भी लंबे समय से केवल ICC और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने आते हैं।
अब इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच भी यही स्थिति देखने को मिल सकती है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज बंद रहने की संभावना है और मुकाबले सिर्फ ICC इवेंट्स तक सीमित रह सकते हैं। इससे फैंस को भी दोनों टीमों के बीच नियमित क्रिकेट देखने का मौका नहीं मिलेगा।
अफगानिस्तान क्रिकेट को लग सकता है बड़ा झटका
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ी है। टीम ने टी20 वर्ल्ड कप और अन्य बड़े टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ियों ने अफगानिस्तान क्रिकेट को नई पहचान दिलाई है।
लेकिन इंग्लैंड जैसी बड़ी टीम के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं होने से अफगानिस्तान क्रिकेट को नुकसान हो सकता है। बड़ी टीमों के खिलाफ लगातार खेलने से खिलाड़ियों को अनुभव मिलता है और बोर्ड को आर्थिक फायदा भी होता है। ऐसे में ECB का यह फैसला अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
हालांकि ICC टूर्नामेंट्स में दोनों टीमों की भिड़ंत जारी रहेगी, इसलिए फैंस को बड़े मंच पर इन दोनों देशों के मुकाबले देखने को मिलते रहेंगे। फिलहाल इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने फैसले पर कायम नजर आ रहा है और आने वाले समय में यह मामला क्रिकेट जगत में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर