इस खिलाड़ी के साथ कप्तान अय्यर ने की नाइंसाफी, नहीं दिया एक भी मैच की प्लेइंग-XI में मौका
Published - 01 Nov 2026, 06:32 PM | Updated - 01 Nov 2026, 06:43 PM
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज अब अपने मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां टीम इंडिया के प्रदर्शन ने फैंस का दिल जरूर जीता है। लेकिन इस शानदार अभियान के बीच टीम मैनेजमेंट और अंतरिम कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के कुछ फैसलों पर गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं। सबसे ज्यादा हैरानी भारत के स्टार स्पिनर को लेकर है, जिन्हें पूरे दौरे पर सिर्फ बेंच गर्म करने तक सीमित रखा गया।
पूरे न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ टूरिस्ट बनकर रह गए कुलदीप यादव

टी20 विश्व कप विजेता दल का हिस्सा रहे कुलदीप यादव जब न्यूजीलैंड दौरे के लिए 16 सदस्यीय स्क्वॉड में चुने गए थे, तब फैंस को उम्मीद थी कि वे कीवी सरजमीं पर अपनी फिरकी का जादू बिखेरेंगे।
लेकिन हकीकत इसके उलट रही। सीरीज के शुरुआती मुकाबलों से लेकर अंतिम चरण तक, कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) और हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें एक भी मैच की प्लेइंग-इलेवन में शामिल करने लायक नहीं समझा।
पांच मैचों की लंबी द्विपक्षीय सीरीज में जब टीम ने सीरीज अपने नाम कर ली थी, तब भी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के नाम पर कुलदीप को नजरअंदाज करना क्रिकेट फैंस की समझ से परे नजर आया।
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कप्तान Shreyas Iyer ऑलराउंडर नीति बनी रोड़ा
कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर रखने के पीछे सबसे बड़ी वजह टीम मैनेजमेंट की आठवें नंबर तक बल्लेबाजी गहराई बनाए रखने की सोच रही। कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने स्पिन आक्रमण में स्पेशलिस्ट गेंदबाजों के बजाय अक्षर पटेल और नमन धीर जैसे हरफनमौला खिलाड़ियों पर लगातार भरोसा जताया।
मैनेजमेंट का यह मानना था कि न्यूजीलैंड के छोटे मैदानों पर बल्लेबाजी में मजबूती जरूरी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या मैच विनर चाइनामैन गेंदबाज की गुणवत्ता को महज अतिरिक्त बल्लेबाजी के विकल्प के लिए दरकिनार करना सही रणनीति है? इस सोच ने कुलदीप जैसे स्थापित गेंदबाज को हाशिए पर ला खड़ा किया।
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घरेलू क्रिकेट छोड़ विदेश में डगआउट बैठने पर उठे सवाल
अगर टीम मैनेजमेंट को कुलदीप यादव को पूरे दौरे पर सिर्फ पानी पिलाने के लिए ही रखना था, तो पूर्व क्रिकेटर्स का मानना है कि उन्हें इस दौरे पर ले जाना ही नहीं चाहिए था।
वे भारत में रहकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी या रणजी ट्रॉफी में खेलकर मैच प्रैक्टिस हासिल कर सकते थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार डगआउट में बैठे रहने से किसी भी इन-फॉर्म गेंदबाज का लय और आत्मविश्वास बिगड़ता है।
अब जब यह दौरा खत्म हो रहा है, तो कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के इस रवैये को लेकर सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट गलियारों तक नाइंसाफी की बहस तेज हो गई है।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।