घरेलू क्रिकेट में खड़ा किया रनों का अंबार, फिर भी इस दिग्गज को कभी नहीं मिला टीम इंडिया के लिए टेस्ट खेलने का मौका
Published - 13 Aug 2026, 09:33 PM
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Team India: भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टेस्ट क्रिकेट में मौका नहीं मिल सका। ऐसा ही एक नाम उस विस्फोटक बल्लेबाज का भी है, जिसने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में हजारों रन बनाए और लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बना रहा। सीमित ओवरों में भारत के लिए खेलने के बावजूद इस खिलाड़ी का सफेद जर्सी में टीम इंडिया (Team India) का प्रतिनिधित्व करने का सपना कभी पूरा नहीं हो सका।
रॉबिन उथप्पा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बनाए 9446 रन
यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि रॉबिन उथप्पा (Robin Uthappa) हैं। कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले उथप्पा ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 142 फर्स्ट क्लास मैचों में 9446 रन बनाए और इस दौरान उनका औसत करीब 40 का रहा।
उथप्पा के बल्ले से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 22 शतक और 52 अर्धशतक निकले। उनका सर्वोच्च स्कोर 162 रन रहा। घरेलू क्रिकेट में इतने शानदार आंकड़े होने के बावजूद उन्हें भारत की टेस्ट टीम में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला। वह अपने करियर में कई बार टेस्ट टीम की दावेदारी के करीब पहुंचे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते जगह नहीं बना सके।
वनडे और टी20 में मिला Team India के लिए मौका
टेस्ट क्रिकेट में मौका नहीं मिलने के बावजूद रॉबिन उथप्पा (Robin Uthappa) ने भारत के लिए वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। उन्होंने साल 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से जल्द ही पहचान बना ली।
उथप्पा 2007 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच में अर्धशतक लगाने के बाद उन्होंने मशहूर बॉल-आउट में भी भारत के लिए गेंद स्टंप पर मारी थी। हालांकि, सीमित ओवरों में भी वह लंबे समय तक अपनी जगह पक्की नहीं रख सके।
टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना रह गया अधूरा
रॉबिन उथप्पा के करियर का सबसे बड़ा अधूरा अध्याय टेस्ट क्रिकेट ही रहा। जिस दौर में वह घरेलू क्रिकेट में रन बना रहे थे, उस समय भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर में वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज मौजूद थे।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और टीम कॉम्बिनेशन की वजह से उथप्पा को टेस्ट कैप नहीं मिल सकी। इसके बावजूद 9 हजार से ज्यादा फर्स्ट क्लास रन और दो दशक के करीब लंबा घरेलू करियर यह साबित करता है कि उनके पास लंबे प्रारूप में सफल होने की क्षमता थी। यही वजह है कि उन्हें उन भारतीय बल्लेबाजों में गिना जाता है, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया, लेकिन टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।