मोहम्मद सिराज के लिए बजी खतरे की घंटी, वर्ल्ड कप 2027 में जगह छीन सकता है ये CSK तेज गेंदबाज
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भारत की वनडे प्लेइंग XI में एक समय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) रेगुलर सदस्य हुआ करते हुए लेकिन पिछले तीन साल में उन्हें महज 10 मैचों में मौका मिला है। जसप्रीत बुमराह के साथ सिराज की भी जगह काफी समय तक पक्की रही, लेकिन अब समय बदल गया है। सिराज को टेस्ट टीम में नियमित रूप से प्लेइंग XI में शामिल किया जाता है लेकिन वनडे में उन्हें उतने मौके नहीं दिए जा रहे।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) को अंतिम मैच में खिलाया गया। उनका चयन न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए जरूर हुआ, लेकिन पहले वनडे के लिए प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली। इसी वजह से सिराज का 2027 वर्ल्ड कप में खेलने का सपना धीरे-धीरे टूटता जा रहा है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में Mohammed Siraj को नहीं मिला मौका

4 नवंबर को ऑकलैंड के ईडन ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में टॉस के बाद, जब टीम इंडिया की प्लेइंग XI सामने आई तो उसमें मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) का नाम नहीं था। अर्शदीप सिंह, आकिब नबी और गुरनूर बरार के साथ अंशुल कंबोज को खिलाया गया। इससे यह साफ हो गया कि शायद सिराज अब टीम मैनेजमेंट की पसंद नहीं रहे।
अंशुल कंबोज ने गेंद के साथ किया कमाल
चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी वनडे में डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने 82 रन देकर एक भी सफलता हासिल नहीं की थी लेकिन अब कीवी टीम के खिलाफ पहले मैच में कमाल कर दिया।
कंबोज ने 10 ओवर में 22 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्होंने शुरुआती ओवर्स में गेंद को मूव कराया और कीवी बल्लेबाजों को सेट होने का मौका नहीं दिया। इसके बाद, उन्होंने गेंद के पुराने होने पर सटीक लाइन एंड लेंथ से रन भी बचाए और न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर और नाथन स्मिथ को पवेलियन भी भेजा।
वर्ल्ड कप 2027 की रेस में कंबोज से सिराज को बड़ा खतरा
मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) के लिए अंशुल कंबोज बड़ा खतरा क्यों बन सकते हैं, इसकी बड़ी वजह बल्लेबाजी की काबिलियत है। सिराज के बारे में जगजाहिर है कि उन्हें बैटिंग नहीं आती है लेकिन अंशुल डोमेस्टिक में कई बार बल्ले से कमाल कर चुके हैं और उनके पास बड़े हिट लगाने की क्षमता भी है। '
मिशन 2027 वर्ल्ड कप के लिए हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी के साथ फिटनेस की समस्या को देखते हुए हेड कोच गौतम गंभीर ऐसे पेसर्स को ज्यादा मौके दे रहे हैं, जो गेंद के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकें। इसी वजह से कंबोज ने सीरीज के आगामी मैचों में अच्छा किया, तो फिर सिराज का पत्ता काट सकते हैं।
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