सालों से नहीं मिला टीम इंडिया में मौका, तो जयदेव उनादकट ने इस देश में जाकर खेलने का किया फैसला
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Jaydev Unadkat set to play in new country: भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। उनमें से कुछ को बहुत जल्दी टीम इंडिया में मौका मिल जाता है। इसका हालिया उदाहरण वैभव सूर्यवंशी हैं, जो महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने में कामयाब हो गए। ऐसा ही कुछ 16 साल पहले हुआ था, जब दक्षिण अफ्रीका दौरे पर तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट को 19 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू का मौका मिला था।
हालांकि, जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) के लिए डेब्यू खास नहीं रहा और उन्हें अपना दूसरा टेस्ट खेलने के लिए 12 साल इंतजार पड़ा। बीच में व्हाइट बॉल फॉर्मेट में मौके मिले लेकिन उनमें भी वे ज्यादा कुछ खास नहीं कर पाए। आखिरी बार उनादकट को तीन साल पहले यानी 2023 के वेस्टइंडीज दौरे पर खेलने का मौका मिला था। इसके बाद से उनका चयन नहीं हुआ है। अब इस खिलाड़ी ने दूसरे देश में खेलने का फैसला किया है।
अब इस देश में Jaydev Unadkat खेलते आएंगे नजर

टीम इंडिया से बाहर चल रहे जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) ने इंग्लैंड में जाकर खेलना का फैसला लिया है। उनादकट एक बार फिर से इंग्लैंड के प्रमुख टूर्नामेंट काउंटी चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएंगे। मौजूदा समय काउंटी क्रिकेट का रेड-बॉल सीजन अभी रुका हुआ है, क्योंकि व्हाइट-बॉल 'द हंड्रेड' और 'वन-डे कप' का आयोजन हो रहा है। हालांकि, उनादकट सिर्फ काउंटी चैंपियनशिप के लिए इंग्लैंड जाएंगे। इसी वजह से वो द हंड्रेड और वनडे-कप में खेलते नहीं दिखेंगे।
काउंटी में फिर से ससेक्स का प्रतिनिधत्व करेंगे उनादकट
जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) पहले भी काउंटी चैंपियनशिप में खेल चुके हैं। इस बार के शुरुआती राउंड में IPL 2026 में व्यस्त होने के कारण हिस्सा नहीं लिया था लेकिन जून में दो मैचों के लिए ससेक्स के साथ जुड़े था। अब वो एक बार फिर शेष सीजन के लिए टीम से जुड़ेंगे। अभी ससेक्स को छह मैच खेलने हैं। इन सभी के लिए उनादकट उपलब्ध रहेंगे।
घरेलू सीजन से पहले काउंटी क्रिकेट में जलवा दिखाने को उत्साहित
क्रिकबज से बात करते हुए जयदेव उनादकट ने बताया कि वो भारत के घरेलू सीजन से पहले काउंटी में खेलकर अपनी तैयारियों को पुख्ता करने को देख रहे हैं। उन्होंने कहा,
"अब वापस काउंटी क्रिकेट की बारी है। मैं पिछले चार सीजन से ससेक्स के लिए खेल रहा हूं और यह भारतीय घरेलू सीजन के लिए अच्छी तैयारी होगी।"
इस बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ को काउंटी टीम के साथ काफी सफलता मिली है। उन्होंने 13 काउंटी मैचों में 17.75 की औसत और 38.2 की स्ट्राइक रेट से 57 विकेट लिए हैं, जिसमें एक बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है। इस सीजन में खेले गए दो मैचों की चार पारियों में उन्होंने आठ विकेट लिए।
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