5 भारतीय खिलाड़ी जिनका टेस्ट डेब्यू ही बना आखिरी मैच, फिर कभी नहीं मिला मौका
Table of Contents
Indian players debut test turned out last match: टेस्ट में भारत का इतिहास काफी पुराना है। टीम इंडिया ने अपना पहला मुकाबला 1932 में खेला था और अब तक 599 मैच खेल चुकी है। श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त को मैदान पर उतरते ही भारत 600 टेस्ट पूरे कर लेगा। अगर भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी की बात करें तो यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 200 मुकाबलों में हिस्सा लिया।
अभी तक 12 खिलाड़ी ही हुए हैं, जिन्होंने भारत के 100 या उससे अधिक टेस्ट खेले। हालांकि, कई ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जो डेब्यू करने में तो कामयाब रहे लेकिन वही उनका अंतिम मैच भी बन गया। इस लेख में हम ऐसे ही 5 भारतीय प्लेयर्स का जिक्र करने जा रहे हैं।
इन 5 खिलाड़ियों का डेब्यू मैच ही India के लिए साबित हुआ आखिरी टेस्ट
1. योगराज सिंह
युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने भी भारत के लिए खेलने में कामयाबी हासिल की। हालांकि, उनका करियर सिर्फ 1 टेस्ट तक ही सीमित रहा। तेज गेंदबाज योगराज ने 1981 में भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर वेलिगंटन में डेब्यू किया था। उन्होंने डेब्यू टेस्ट में सिर्फ 1 ही विकेट हासिल किया था। इस मैच में उन्हें फील्डिंग के दौरान चोट भी लग गई थी, जिसके कारण दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं कर पाए थे। इसके बाद चोट और खराब प्रदर्शन के कारण उनका करियर खत्म हो गया।
2. सबा करीम
सबा करीम का करियर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हुआ। साल 2000 में भारत के बांग्लादेश दौरे के दौरान विकेटकीपिंग करते समय उनकी आंख में गंभीर चोट लग गई थी। इसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। सर्जरी के बाद उन्होंने उसी साल नवंबर में बांग्लादेश के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया, लेकिन उनकी आंख की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी। सबा को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा। उन्होंने अपने एकमात्र टेस्ट मैच में 15 रन बनाए थे।
3. कर्ण शर्मा

लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है, लेकिन 38 साल की उम्र में उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करना लगभग नामुमकिन नजर आता है। कर्ण को 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में डेब्यू करने का मौका मिला था, लेकिन यही उनका पहला और आखिरी टेस्ट भी साबित हुआ। अपने एकमात्र टेस्ट में उन्होंने 4 विकेट चटकाए, हालांकि इस दौरान 4.85 की इकॉनमी से रन भी खर्च किए थे।
4. टी नटराजन
तेज गेंदबाज टी नटराजन ने साल 2021 में गाबा टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया था। हालांकि, इसके बाद वो दोबारा इस फॉर्मेट में अभी तक नहीं खेल पाए हैं। फिटनेस की समस्या के कारण नटराजन सिर्फ व्हाइट बॉल क्रिकेट पर ही ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि भारत के लिए उनका डेब्यू टेस्ट ही आखिरी साबित हुआ।
5. सूर्यकुमार यादव
साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में सूर्यकुमार यादव को टेस्ट डेब्यू का मौका मिला था। इस मैच में सूर्या सिर्फ 8 रन ही बना पाए थे। इसके बाद, चयन समिति ने साफ कर दिया था कि सूर्या को सिर्फ व्हाइट बॉल क्रिकेट के लिए ही प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें दोबारा टेस्ट में मौका नहीं मिला।
यह भी पढ़ें: श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए बदल गई टीम इंडिया, सिर्फ 6 टेस्ट खेलने वाली खिलाड़ी की हुई एंट्री