4245 रन-470 विकेट..... डोमेस्टिक क्रिकेट में मचाया धमाल, फिर भी लगातार हुआ नजरअंदाज, टीम इंडिया के लिए सिर्फ 2 टेस्ट खेलने का मिला मौका
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घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया (Team India) में जगह बनाना हमेशा आसान नहीं रहा है। कुछ खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन का इनाम समय रहते मिला, जबकि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लंबे इंतजार के बाद मौका मिला। टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई घरेलू सितारे रहे हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें टीम इंडिया के लिए ज्यादा मौके नहीं मिल सके।
ऐसी ही कहानी भारतीय ऑफ स्पिनर रमेश पवार की रही है। उन्होंने मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में गेंदबाजी के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान दिया। इसके बावजूद भारतीय टीम (Team India) के लिए उनका टेस्ट करियर सिर्फ 2 मैचों तक ही सीमित रहा।
2007 में रमेश पवार को मिला था Team India के लिए टेस्ट डेब्यू का मौका

अपने भारी-भरकम शरीर के बावजूद रमेश पवार मैदान पर काफी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी करते थे। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम ( Team India)का दरवाजा खोलने में मदद की। उन्होंने 2004 में वनडे डेब्यू कर लिया था, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में मौका पाने के लिए उन्हें तीन साल और इंतजार करना पड़ा।
बांग्लादेश दौरे पर किया डेब्यू, इसी में खेला अपना अंतिम मैच
आखिरकार 2007 में पवार को बांग्लादेश दौरे पर खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम (Team India) में शामिल किया गया। उन्हें सीरीज के दोनों मुकाबलों में खेलने का मौका मिला। चटगांव में उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया, जबकि मीरपुर में खेला गया दूसरा टेस्ट उनके करियर का आखिरी टेस्ट साबित हुआ।
दो टेस्ट मैचों में पवार ने 19.66 की औसत से 6 विकेट हासिल किए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 36 रन देकर 3 विकेट रहा। हालांकि, इसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में दोबारा जगह नहीं मिल सकी।
शानदार डोमेस्टिक रिकॉर्ड के बावजूद रमेश पवार को टेस्ट में क्यों नहीं मिले ज्यादा मौके?
टीम इंडिया (Team India) के लिए टेस्ट क्रिकेट में रमेश पवार को बेहद कम मौके मिलने के पीछे हरभजन सिंह थे। उस समय हरभजन भारत के मुख्य ऑफ स्पिनर हुआ करते थे। उनकी और अनिल कुंबले की जोड़ी सालों तक टेस्ट में अपना जलवा बिखेरती रही। इसी वजह से उस दौरान अन्य स्पिनरों को ज्यादा मौके नहीं मिले।
वहीं, जब हरभजन सिंह का करियर नीचे आया तो रविचंद्रन अश्विन ने मोर्चा संभाल लिया। इसी वजह से रमेश पवार को दोबारा टीम इंडिया के लिए टेस्ट में खेलने का अवसर नहीं मिला।
फर्स्ट क्लास में रमेश पवार के आंकड़े
रमेश पवार ने 1999/00 के सीजन से मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। इसके बाद, उन्होंने काफी सालों तक अपना जलवा दिखाया और फिर 2015 में आखिरी रेड बॉल मैच खेला। पवार ने 148 मैचों में 31.31 की औसत से 470 विकेट लिए। वहीं, बल्लेबाजी में 4245 रन बनाए, जिसमें 7 शतक और 17 अर्धशतक भी शामिल रहे।
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