कभी टीम से बाहर था ये खिलाड़ी, फिर जब लौटा तो बन गया वर्ल्ड क्रिकेट का बादशाह
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Virat Kohli's rise in ODI cricket: भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का रुतबा अलग ही है। उन्होंने 2008 में अपने करियर की शुरुआत की थी और अभी भी खेल रहे हैं। वनडे क्रिकेट में उन्हें बेताज बादशाह के रूप में जाना जाता है। कई जानकार इस फॉर्मेट में उन्हें सचिन तेंदुलकर से भी बेहतर मानते हैं। विराट इस चीज से इनकार करते हैं लेकिन उनके आंकड़े इतने कमाल के हैं कि कुछ मामलों में सचिन भी पीछे नजर आते हैं।
हालांकि, सफलता पर आपकी सभी वाहवाही करते हैं, लेकिन पीछे का संघर्ष कम ही लोगों को पता है। विराट कोहली (Virat Kohli) के साथ भी ऐसा ही हुआ और एक समय उन्हें वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था लेकिन जब उन्होंने वापसी की तो फिर रन मशीन बनकर आए।
2008 में Virat Kohli ने किया वनडे डेब्यू, फिर अगले साल टीम से हुए ड्रॉप
विराट कोहली (Virat Kohli) को भारत की वनडे टीम में 2008 के श्रीलंका दौरे पर मौका मिला। उन्हें पांच मैचों की वनडे सीरीज में सभी मुकाबले खेलने को मिले। इनमें कोहली ने एक अर्धशतक की मदद से कुल 159 रन बनाए। इसके बाद, उनका चयन उसी साल इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज के लिए भी हुआ लेकिन इस बार प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली।
फिर जब अगले साल यानी 2009 में भारत ने न्यूजीलैंड का दौरा किया तो विराट कोहली को वनडे टीम से ड्रॉप कर दिया गया। इसको लेकर एक बार कोहली ने खुद बताया था कि उन्हें गाड़ी चलाते समय एक रिपोर्टर से पता चला कि वह टीम के स्क्वाड में शामिल नहीं हैं। यह उनके लिए बहुत बड़ा झटका था। उन्होंने गाड़ी रोक दी थी और उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने इस चीज को गंभीरता से लिया और अपने खेल पर ध्यान देने का फैसला किया।
2009 में वापसी के बाद विराट कोहली ने नहीं देखा पीछे

विराट कोहली (Virat Kohli) को न्यूजीलैंड के बाद, वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से भी बाहर रहना पड़ा। फिर उन्होंने उसी साल जुलाई-अगस्त में खेले गए इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। इसी वजह से सितंबर में खेले गए कॉम्पैक कप में उन्हें गौतम गंभीर के इंजरी रिप्लेसमेंट के रूप में चुना गया। फिर उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भी मौका मिला।
हालांकि, विराट कोहली (Virat Kohli) के बल्ले से पहली बड़ी पारी 2009 के अंत में श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान देखने को मिली। उन्होंने ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में 114 गेंदों में 107 रन बनाए और अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया। यहां से कोहली के वनडे करियर की गाड़ी ट्रैक पर आ गई और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
वनडे क्रिकेट में विराट कोहली के आंकड़े हैं बेहद शानदार
विराट कोहली (Virat Kohli) को वनडे का बेस्ट बल्लेबाज कहा जाता है। इसके पीछे सालों से उनका निरंतर प्रदर्शन और कई हैरतअंगेज रिकॉर्ड हैं। उनके नाम वनडे में सबसे ज्यादा शतक हैं। उन्हें चेज मास्टर भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने कई बेहतरीन पारियां लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली हैं और भारत को जीत भी दिलाई है।
अगर कोहली के वनडे करियर के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने अभी तक 314 मैचों में 58.59 की औसत से 14941 रन बनाए हैं, जो दूसरे सबसे ज्यादा हैं। इस फॉर्मेट में उन्होंने 54 शतक और 79 अर्धशतक जड़े हैं। अभी कोहली के 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलने की संभावना है। ऐसे में उनके पास अपने आंकड़ों को और भी शानदार करने का मौका रहेगा।
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