इस भारतीय खिलाड़ी ने 50 से ज्यादा गेंदों पर बनाया था अपना पहला 1 रन, नाम चौंकाने वाला
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भारतीय टीम (Indian Team) के लिए एक से बढ़कर एक बल्लेबाजों ने खेला और अपने प्रदर्शन से खूब वाहवाही भी हासिल की। मौजूदा समय में टीम इंडिया तीनों ही फॉर्मेट में आक्रामक ब्रांड की क्रिकेट खेल रही है। व्हाइट बॉल के साथ-साथ टेस्ट में भी अब पहले की तुलना में रन रेट में इजाफा किया है। टेस्ट में इसकी वजह यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत और कप्तान शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी हैं।
ये खिलाड़ी सेट होने के लिए ज्यादा समय नहीं लेते हैं और शुरुआत से रन बटोरना शुरू कर देते हैं। हालांकि, टेस्ट फॉर्मेट में कई बार आपको कंडीशंस और विपक्षी टीम की गेंदबाजी को भी सम्मान देना होता है। ऐसा ही कुछ एक भारतीय (Indian) बल्लेबाज ने कुछ सालों पहले किया था और अपना खाता खोलने के लिए 50 से ज्यादा गेंदें खेली थी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
इस Indian बल्लेबाज ने अपने पहले रन के लिए 50 से ज्यादा गेंदों का किया था सामना

काफी सारे लोगों के मन में राहुल द्रविड़ का नाम आ रहा होगा लेकिन बता दें कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 40 डॉट गेंदें खेली थी लेकिन तब वे 18 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। ऐसे में जिस खिलाड़ी ने खाता खोलने के लिहाज से अपने पहले रन के लिए 50 से ज्यादा गेंदों का सामना किया था, वे द्रविड़ की रिप्लेसमेंट चेतेश्वर पुजारा थे। जब द्रविड़ ने संन्यास लिया तो पुजारा ने नंबर-3 पर उनकी जगह ली और उनका बल्लेबाजी अंदाज काफी हद तक 'द वाल' जैसा ही था।
पुजारा ने जोहानसबर्ग टेस्ट में 53 गेंदों के बाद खोला था अपना खाता
भारत ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका का मल्टी-फॉर्मेट सीरीज के लिए दौरा किया था। इस दौरान दोनों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली गई थी, जिसे दक्षिण अफ्रीका ने 2-1 से अपने नाम किया था। इसी सीरीज का तीसरा मैच जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में हुआ था। मैच में भारतीय टीम (Indian Team) ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन कंडीशंस आसान नहीं थीं और दोनों ओपनर सस्ते में ही आउट हो गए थे।
ऐसे में भारतीय टीम (Indian Team) की तरफ से चौथे ओवर में बल्लेबाजी करने आए चेतेश्वर पुजारा ने क्रीज पर अपने पैर जमाने के लिए काफी देर तक अपनी सॉलिड तकनीक का परिचय दिया और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के खिलाफ बिना कोई रन बनाए डटे रहे। पुजारा ने 53 गेंदों में कोई रन नहीं बनाया। इसके बाद उन्होंने 54वीं गेंद पर अपना खाता खोला।
54वीं गेंद पर खोला खाता, खेली शानदार अर्धशतकीय पारी
चेतेश्वर पुजारा ने खाता खोलने के लिए काफी ज्यादा गेंदों का सहारा लिया लेकिन इसके बाद उन्होंने रन बनाना भी शुरू किए। उन्होंने मुश्किल समय में 176 गेंदों का सामना करते हुए 50 रनों की पारी खेली। उनके और तत्कालीन कप्तान विराट कोहली (54) के अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज 30 से ज्यादा रन नहीं बना पाया था। ऐसे में पुजारा की पारी काफी खास रही।
इस मैच में भारतीय टीम (Indian Team) ने पुजारा और कोहली के अर्धशतकों की मदद से 187 रन बनाए, जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 194 रन बनाकर 7 रन की बढ़त हासिल की। फिर अपनी दूसरी पारी में भारतीय टीम ने 247 रन बनाकर 241 का टारगेट सेट किया, जिसका पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 177 पर ढेर हो गई और भारत ने 63 रनों से जीत हासिल करते हुए क्लीन स्वीप से खुद को बचा लिया।
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