आकिब नबी का टेस्ट टीम में चयन ना होने पर भड़का ये पूर्व दिग्गज, बोला 'इससे अच्छा रणजी ट्रॉफी बंद कर दो....'
Published - 23 May 2026, 02:56 AM | Updated - 23 May 2026, 03:02 AM
Auqib Nabi: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। इस टीम के चयन के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
रणजी ट्रॉफी में अपनी घातक गेंदबाजी से तहलका मचाने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी (Auqib Nabi) को टीम में जगह नहीं मिली है। इस फैसले से भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर आगबबूला हो गए हैं और उन्होंने बीसीसीआई की चयन नीति पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दिलीप वेंगसरकर का फूटा गुस्सा

भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने आकिब नबी (Auqib Nabi) को नजरअंदाज किए जाने पर बीसीसीआई और चयनकर्ताओं की जमकर क्लास लगाई है।
एक इंटरव्यू में बात करते हुए वेंगसरकर ने इस फैसले को पूरी तरह से बकवास और समझ से परे बताया। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ी के साथ सरेआम नाइंसाफी है, जिसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वेंगसरकर ने गुस्से में यहां तक कह दिया कि अगर घरेलू क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी के शानदार प्रदर्शन को टीम इंडिया में चयन का पैमाना नहीं माना जा रहा है, तो बीसीसीआई को घरेलू क्रिकेट का आयोजन ही बंद कर देना चाहिए। इस तरह के फैसलों से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले युवा खिलाड़ियों का मनोबल पूरी तरह टूट जाता है।
रणजी ट्रॉफी में Auqib Nabi ने मचाया था कोहराम
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी (Aauqib Nabi) ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में अपनी गेंदबाजी से नया इतिहास रचा था। उन्होंने महज 10 मैचों में 12.56 की अविश्वसनीय औसत से कुल 60 विकेट चटकाए थे।
उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत ही जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सिर्फ तीसरी बार हुआ है जब किसी तेज गेंदबाज ने एक सीजन में 60 या उससे अधिक विकेट लिए हों।
इससे पहले डोडा गणेश और जयदेव उनादकट ही यह कारनामा कर पाए थे। पिछले सीजन में भी उन्होंने 8 मैचों में 44 विकेट हासिल किए थे। इतने बेहतरीन और लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद भी उन्हें टेस्ट टीम में शामिल नहीं करना हर किसी को हैरान कर रहा है।
बीसीसीआई की दोहरी नीति पर उठे सवाल
इस विवाद के बाद बीसीसीआई की नीतियों पर एक बार फिर से उंगलियां उठने लगी हैं। कुछ समय पहले ही बोर्ड ने सभी अनुबंधित और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य किया था। बोर्ड का कहना था कि टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वाड में आने का रास्ता घरेलू क्रिकेट से ही होकर गुजरेगा।
लेकिन अब जब आकिब नबी (Aauqib Nabi) जैसे खिलाड़ी ने घरेलू स्तर पर खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित किया, तो उन्हें मौका नहीं दिया गया। क्रिकेट फैंस और कई पूर्व दिग्गजों का मानना है कि यदि आईपीएल और टी20 के आधार पर ही टेस्ट टीम चुनी जानी है,
तो खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी जैसे कड़े लाल गेंद के फॉर्मेट में मेहनत करने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है? अब देखना होगा कि इस बड़े विवाद पर बीसीसीआई या मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की तरफ से क्या सफाई आती है।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर