इन 3 खिलाड़ियों की कप्तानी पर मंडराया खतरा, IPL 2026 के बाद फ्रेंचाइजी लेगी एक्शन
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IPL 2026 का सीजन कई टीमों के लिए उम्मीदों के विपरीत साबित हुआ है। प्लेऑफ की रेस से बाहर होने के बाद अब कई फ्रेंचाइजी अपने कप्तानों और सपोर्ट स्टाफ के प्रदर्शन की समीक्षा करने की तैयारी में हैं।
इस बीच तीन बड़े नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। दिल्ली कैपिटल्स के अक्षर पटेल, लखनऊ सुपर जायंट्स के ऋषभ पंत और कोलकाता नाइट राइडर्स के अजिंक्य रहाणे की कप्तानी पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
लगातार खराब फैसले, कमजोर व्यक्तिगत प्रदर्शन और टीमों के असंतुलित संयोजन ने इन खिलाड़ियों की कप्तानी को मुश्किल में डाल दिया है। माना जा रहा है कि IPL 2026 खत्म होने के बाद इन तीनों फ्रेंचाइजी में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अक्षर पटेल की कप्तानी पर बढ़ा दबाव
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह सीजन (IPL 2026) काफी निराशाजनक रहा। टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलन बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आई और कप्तान अक्षर पटेल खुद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
बल्लेबाजी में उन्होंने नौ पारियों में केवल 100 रन बनाए, जिसमें एक पारी के 56 रन छोड़ दिए जाएं तो बाकी मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। उनका स्ट्राइक रेट भी आधुनिक T20 क्रिकेट के हिसाब से काफी कम माना गया।
गेंदबाजी में भी अक्षर ने प्रभाव नहीं छोड़ा। उन्होंने 12 मैचों में सिर्फ 10 विकेट हासिल किए और कई मौकों पर खुद को पूरे चार ओवर भी नहीं दिए। टीम चयन को लेकर भी दिल्ली मैनेजमेंट की आलोचना हुई।
अभिषेक पोरेल जैसे बल्लेबाज को लगातार मौके नहीं मिले, जबकि कुछ युवा खिलाड़ियों को मुश्किल परिस्थितियों में उतारने का फैसला टीम पर भारी पड़ा। अगले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स का क्रिकेट संचालन JSW के हाथ में आने वाला है, ऐसे में अक्षर की कप्तानी पर खतरा और बढ़ गया है।
ऋषभ पंत की कप्तानी से LSG निराश
लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत पर भारी रकम खर्च कर टीम की कमान सौंपी थी, लेकिन उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम सबसे पहले प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई और कप्तान के तौर पर पंत की रणनीतियों पर लगातार सवाल उठते रहे। बल्लेबाजी में भी वह संघर्ष करते नजर आए। पूरे सीजन में उनके बल्ले से केवल 251 रन निकले और उनका स्ट्राइक रेट भी साधारण रहा।
सबसे ज्यादा आलोचना टीम चयन को लेकर हुई। अर्शिन कुलकर्णी और हिम्मत सिंह जैसे खिलाड़ियों को लगातार मौके देने के फैसले समझ से परे रहे।
आयुष बडोनी को टॉप ऑर्डर में प्रमोट करना भी टीम के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ। पंत की कप्तानी में टीम में स्पष्ट रणनीति की कमी दिखाई दी। ऐसे में माना जा रहा है कि फ्रेंचाइजी अगले सीजन से पहले कप्तानी में बदलाव का बड़ा फैसला ले सकती है।
रहाणे की धीमी बल्लेबाजी बनी KKR की समस्या
कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस सीजन (IPL 2026) अजिंक्य रहाणे को कप्तानी सौंपी, लेकिन यह फैसला टीम के लिए सफल साबित नहीं हुआ। रहाणे का अनुभव टीम को संभालने में मदद नहीं कर पाया और उनकी बल्लेबाजी भी टीम की गति रोकती नजर आई। उन्होंने 133 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 237 रन बनाए, जो T20 क्रिकेट के मौजूदा दौर में काफी धीमा माना जा रहा है।
उनके साथ अंगकृष रघुवंशी की धीमी बल्लेबाजी ने भी KKR को नुकसान पहुंचाया। दोनों बल्लेबाज टॉप ऑर्डर में खेलते रहे, जिसके चलते टीम लगातार तेज शुरुआत करने में नाकाम रही।
11 मैचों में दोनों ने मिलकर सिर्फ 25 छक्के लगाए, जो किसी भी आक्रामक T20 टीम के लिए बेहद कम आंकड़ा है। अब माना जा रहा है कि अगले मिनी ऑक्शन में KKR नए कप्तान और नए बल्लेबाजी संयोजन की तरफ बढ़ सकती है।
IPL 2026 के बाद कई बड़े बदलाव संभव
तीनों फ्रेंचाइजी का प्रदर्शन इस सीजन (IPL 2026) उम्मीदों से काफी नीचे रहा है। लगातार दो सीजन की नाकामी ने कप्तानों पर दबाव बढ़ा दिया है। फ्रेंचाइजी अब ऐसे खिलाड़ियों और कप्तानों की तलाश में हैं जो आधुनिक T20 क्रिकेट की तेज रफ्तार और आक्रामक शैली के साथ तालमेल बैठा सकें।
इसी वजह से IPL 2026 खत्म होने के बाद दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।