गौतम गंभीर के कार्यकाल के 3 सबसे खराब डिसीजन, इन्हीं के लिए बदनाम अपने हेड कोच
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2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद, राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया के हेड कोच के पद को छोड़ दिया और दोबारा इस पोस्ट के लिए अप्लाई नहीं किया। इसके बाद, BCCI ने उस साल कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाने वाले गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को नया हेड कोच बनाया। केकेआर के साथ गंभीर मेंटर के रूप में काम कर रहे थे लेकिन टीम की रणनीतियों में उनका प्रभाव साफ़ तौर पर देखा जा सकता था।
इसी से प्रभावित होकर बोर्ड ने गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को टीम इंडिया की कोचिंग की जिम्मेदारी सौंप दी। गंभीर के कार्यकाल को ढाई साल पूरे होने को हैं। इस दौरान उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप के रूप में दो ICC टूर्नामेंट जीते। इसके लिए उनकी काफी तारीफ भी हुई लेकिन उनके कुछ फैसले ऐसे भी रहे, जिनके कारण उनका नाम बदनाम भी हुआ।
इन 3 फैसलों के कारण Gautam Gambhir की होती है जमकर आलोचना
1. मोहम्मद शमी को पूरी तरह से बाहर करना

राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में मोहम्मद शमी को जसप्रीत बुमराह के साथ स्ट्राइक बॉलर के रूप में टेस्ट और वनडे में लगातार मौके मिले। उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 24 विकेट भी अपने नाम किए। हालांकि, इसके बाद इंजरी के कारण शमी लंबे समय तक एक्शन से दूर रहे लेकिन जब वह फिट होकर आए तो भी उन्हें कुछ खास मौके नहीं मिले।
शमी को गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को देखते हुए इंग्लैंड सीरीज में मौका दिया और फिर इस ICC टूर्नामेंट में खिलाकर पूरी तरह बाहर कर दिया। तब से उनकी वापसी नहीं हुई है। इसी वजह से गंभीर को काफी खरीखोटी सुनाई जाती है।
2. बल्लेबाजी डेप्थ के कारण स्पेशलिस्ट गेंदबाजों को इग्नोर करना
जब से गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) हेड कोच बने हैं, तब से मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव जैसे गेंदबाजों को नियमित मौके मिलने कम हो गए हैं। इन दोनों को ही बल्लेबाजी के मामले में कमजोर माना जाता है। इसी वजह से टेस्ट फॉर्मेट को हटा दें तो वनडे में इन्हें उतनी तवज्जो नहीं दी जा रही है। गंभीर ऐसे पेसर्स को ला रहे हैं, जो बल्लेबाजी कर सकें और ऐसा ही स्पिन विभाग में ऑलराउंडर्स को लाकर कर रहे हैं।
इससे पहले उन्होंने हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी डेप्थ के कारण तीनों ही फॉर्मेट में फिट करने की कोशिश की थी, जिसके कारण कई मैचों में टीम इंडिया को हार का भी सामना करना पड़ा, जिसके बाद फैंस ने गंभीर को निशाना बनाया था।
3. घरेलू टेस्ट सीरीज में रैंक टर्नर पिचों का फैसला
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के कार्यकाल में भारत को अपने घर पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो शर्मनाक टेस्ट सीरीज हार झेलनी पड़ीं। 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत दौरे पर आकर किला फतह किया और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 3-0 से अपने नाम की। इस दौरान स्पिन की मददगार पिचों पर भारतीय बल्लेबाज ढेर हो गए ।
उम्मीद थी कि इससे सीख लेकर गंभीर अगली बार बेहतर पिचों का फैसला करेंगे लेकिन उन्होंने 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी यही गलती की और इसका फायदा प्रोटियाज को मिला और उन्होंने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 में जीत दर्ज की। इन दो सीरीज हार के कारण गंभीर पर फैंस आगबबूला हो गए थे और उन्हें हटाने की भी मांग की थी।
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