डेब्यू मैच में फ्लॉप होने पर अंशुल कंबोज का दो टूक जवाब, आलोचकों को कही बड़ी बात
Published - 05 Nov 2026, 10:04 AM | Updated - 05 Nov 2026, 10:35 AM
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4 नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय युवा गेंदबाज अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) का प्रदर्शन कमाल का रहा. अपनी गेंदबाजी का कहर बरपाते हुए उन्होंने कीवी टीम के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी. भले ही इस मैच में शानदार गेंदबाजी कर अंशुल कंबोज अपनी छाप छोड़ पाए हैं, लेकिन अपने डेब्यू मैच में वह विपक्षी टीम के खिलाफ काफी कमजोर नजर आए थे. इसकी वजह से उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. वहीं, अब अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने अपने आलोचकों को मुंह तोड़ जवाब देकर बड़ा बात कही है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ जीता प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड

अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू मैच खेला था, जिसमें वह टीम इंडिया के लिए काफी महंगे साबित हुए थे. इस मैच में उन्होंने 9 ओवर गेंदबाजी करते हुए 82 रन दिए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली. इसकी वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था.
हालांकि, अब न्यूजीलैंड के खिलाफ घातक गेंदबाजी कर अंशुल कंबोज ने फॉर्म में वापसी के संकेत दिए. पहले वनडे में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए वह 10 ओवर में 22 रन देकर दो विकेट हासिल कर पाए. इस प्रदर्शन के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया.
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Anshul Kamboj ने अपने ट्रोलर्स को दिया जवाब
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने के बाद अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने कहा कि किसी खिलाड़ी को सिर्फ एक मैच के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए. भारतीय युवा खिलाड़ी ने कहा कि,
एक खराब मैच से किसी खिलाड़ी का करियर तय नहीं होता. मैंने हमेशा की तरह अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया. एक मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का मुझ पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. बल्कि इससे मुझे बेहतर करने की काफी प्रेरणा मिली और उन क्षेत्रों को समझने में मदद मिली जिनमें मुझे सुधार करने की जरूरत है. नतीजे हमेशा आपके पक्ष में नहीं होते. मैं इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता. मेरा ध्यान अपने क्रिकेट और गेंदबाज के तौर पर खुद को बेहतर बनाने पर रहता है.
"मुझे फर्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं"
अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं. उन्होंने दावा किया कि,
लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं मैं उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देता. इसलिए इससे मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ता. ईडन पार्क की पिच पर थोड़ी सीम मूवमेंट थी लेकिन सही लेंथ और सही क्षेत्र में गेंदबाजी करना भी महत्वपूर्ण था. पिच से मदद हासिल करने का यही एक तरीका है. अगर आप सही लेंथ से चूकते हैं तो रन लुटा सकते हैं. इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा गेंदें सही क्षेत्र में डालने की कोशिश कर रहा था.
ऑथर के बारे में
मानवी नौटियाल एक उत्साही और अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें खेलों की दुनिया से गहरा लगाव है।... रीड मोर