3 बड़े कारणों से भारत के हाथ से निकला कोलंबो टेस्ट में जीत का मौका, कप्तान शुभमन गिल भी दोषी

Published - 27 Aug 2026, 05:12 PM | Updated - 27 Aug 2026, 05:43 PM

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India vs Sri Lanka: श्रीलंका के खिलाफ भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की। यह अंतर 2-0 का हो सकता था, लेकिन टीम इंडिया कोलंबो में खेले गए दूसरे मैच में जीत नहीं दर्ज कर पाई। पहले चार दिन तक अपनी पकड़ मजबूत रखने वाली भारतीय टीम पांचवें दिन फिसड्डी साबित हुई और श्रीलंका ने पूरे दिन बल्लेबाजी करते हुए मैच ड्रॉ करा लिया।

इस टेस्ट में भारत (India) ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी और फिर श्रीलंका को 290 पर ऑल आउट कर फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। हालांकि, दूसरी पारी में श्रीलंका ने बेहतर खेल दिखाया और 9 विकेट पर 429 रन बनाए। WTC फाइनल की रेस में खुद को मजबूती से बनाए रखने के लिए जीत जरूरी थी लेकिन भारत के हाथ से मौका निकल गया।

इन 3 कारणों से कोलंबो टेस्ट में India नहीं दर्ज कर पाया जीत, ड्रॉ से करना पड़ा संतोष

1. ध्रुव जुरेल के शतक के लिए पारी की घोषणा में देरी

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कोलंबो टेस्ट की शुरुआत से पहले ही मैच में बारिश की संभावना जताई गई थी। इसी वजह से माना जा रहा था कि भारत(India) दूसरे दिन दो सत्र बल्लेबाजी करने के बाद पारी घोषित कर सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारत ने 131.2 ओवर में 475 रन बना लिए थे, तभी बारिश ने दस्तक दे दी। उस समय ध्रुव जुरेल 76 रन के स्कोर पर खेल रहे थे।बारिश के कारण चाय की घोषणा जल्दी कर दी गई और लग रहा था कि खेल शुरू होने के बाद श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए बुलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

करीब दो घंटे बाद खेल शुरू हुआ और जुरेल को शतक बनाने का मौका दिया गया। उन्होंने धीमी बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा किया और इसके बाद भारत ने 503/9 के स्कोर पर पारी घोषित की। इस वजह से भारत को गेंदबाजी के लिए सिर्फ तीन ओवर मिले और टीम ने उसमें दो विकेट भी चटका दिए। अगर भारत (India) पारी जल्दी घोषित करता, तो उसके पास श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और कुछ और विकेट हासिल करने का मौका हो सकता था।

2. श्रीलंका के पुछल्ले बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाजों का नाकाम रहना

कोलंबो टेस्ट की दोनों ही पारियों में श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भारत (India) को काफी परेशान किया। इसी वजह से सोनल दिनुशा ने दोनों पारियों में शतक बनाया, क्योंकि उन्हें लोअर ऑर्डर के बल्लेबाजों का अच्छा साथ मिला। पहली पारी में श्रीलंका ने 45 ओवर में अपने छह विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद पूरी पारी 89.4 ओवर तक चली। इससे पता चलता है कि आखिरी के पांच बल्लेबाज भी करीब 45 ओवर तक बल्लेबाजी करने में कामयाब रहे।

यही कहानी दूसरी पारी में भी देखने को मिली। भारत ने 65वें ओवर में श्रीलंका का छठा विकेट चटका दिया था, लेकिन इसके बाद पूरी टीम को ऑलआउट करने में कामयाब नहीं हो सका। श्रीलंकाई पारी कुल 154 ओवर तक चली। इस दौरान निचले क्रम के बल्लेबाजों ने टिककर बल्लेबाजी की और भारत को जरूरी विकेट नहीं मिले।

3. शुभमन गिल की दूसरी पारी में साधारण कप्तानी

श्रीलंका की दूसरी पारी में भारत (India) के कप्तान शुभमन गिल काफी डिफेंसिव नजर आए। जब श्रीलंका पर दबाव बनाने की जरूरत थी तो उन्होंने फील्ड खोल दी। इससे श्रीलंकाई बल्लेबाज आसानी के साथ स्ट्राइक रोटेट करते रहे। वहीं, किसी भी गेंदबाज को ज्यादा लंबा स्पेल करने का मौका भी नहीं दिया, जिससे वे अपनी योजना में सफल हो सकें। यही कारण है कि गिल की कप्तानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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Prashant

प्रशांत कुमार क्रिकेट लेखक हैं, जिन्होंने 2019 में स्पोर्ट्स पत्रकारिता में कदम रखा और इसके बाद इसी... रीड मोर

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