AUSvsIND: चौथे दिन की गई इन 3 गलतियों की वजह से भारत को अब कहीं ब्रिसबेन टेस्ट में मिल ना जाए हार
Published - 18 Jan 2021, 10:26 AM
Table of Contents
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए गाबा, ब्रिस्बेन टेस्ट मैच का चौथा दिन भी समाप्त हो चुका है। बारिश ने इस मैच में खलल जरुर डाला, लेकिन फिर भी ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने भारत पर 300 से अधिक रनों की बढ़त हासिल कर ली है।
इसके बाद अब भारत का इस मैच में वापसी करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि ब्रिस्बेन का इतिहास रहा है कि चौथी पारी में कभी किसी टीम ने 250 से अधिक रनों का लक्ष्य हासिल नहीं किया है। इस मैच में तो अब तक भारत के अनुभवी खिलाड़ी अच्छी लय में नजर नहीं आए हैं, जो भारत के लिए खतरे की निशानी बन सकता है।
ब्रिस्बेन टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारतीय क्रिकेट टीम से कुछ ऐसी गलतियां हुई हैं, जिसके बाद अब उनका मैच में वापसी करना मुश्किल लग रहा है। तो आइए इस आर्टिकल में आपको भारत द्वारा की गई उन 3 गलतियों के बारे में बताते हैं, जिनके चलते ये मैच भारत के हाथ से निकल सकता है।
चौथे दिन टीम इंडिया से हुई 3 गलतियां
1- मोहम्मद सिराज ने छोड़े दो कैच
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने ब्रिस्बेन टेस्ट मैच में अपने करियर का पहला फाइव विकेट हॉल लिया है, जिसके लिए उनकी चारों तरफ तारीफ हो रही है। मगर इस मैच में सिराज ने दो बार कैच ड्रॉप किए, जिसका खामियाजा आप स्कोरबोर्ड पर साफ देख सकते हैं।
असल में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ जब क्रीज पर 42 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब वॉशिंगटन सुंदर की गेंद पर लॉन्ग ऑफ पर कैच का मौका बना था, जिसे मोहम्मद सिराज ने गंवा दिया। इसके बाद स्मिथ ने 74 गेंदों पर 55 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली थी।
जब सिराज ने ये कैच ड्रॉप किया था, तो गेंदबाजी कर रहे वॉशिंगटन सुंदर ने उनकी तरफ काफी नाराजगी से देखा था, क्योंकि वह जानते थे कि सिराज से कितनी बड़ी गलती हुई है, जिसका नुकसान भारत को हो सकता है।
2- चोटिल होने के बावजूद नवदीप सैनी को दी गेंदबाजी
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी को ब्रिस्बेन टेस्ट मैच के पहले ही दिन इंजरी हो गई थी और वह 7.5 ओवर करके मैदान से बाहर चले गए थे और उनकी आखिरी गेंद रोहित शर्मा ने फेंकी थी। मगर आज यानि टेस्ट मैच के चौथे दिन नवदीप सैनी मैदान पर वापस लौटे।
इस बात का हर किसी को अंदाजा था कि सैनी पूरी तरह से फिट नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने उनसे गेंदबाजी कराई। जहां, सैनी ने 5 ओवर में 32 रन दिए थे। जी हां, सैनी के ये 5 ओवर भारत के लिए महंगे साबित हुए।
ये कहना गलत नहीं होगा की कप्तान अजिंक्य रहाणे को सैनी की चोट को ध्यान में रखते हुए उन्हें इतने अधिक ओवर गेंदबाजी करने का मौका नहीं देना चाहिए था।
3- अजिंक्य रहाणे द्वारा लगाई फील्डिंग से लीक हुए रन
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ब्रिस्बेन टेस्ट का चौथा दिन औसत दर्जे का रहा, क्योंकि भले ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सभी बल्लेबाजों को आउट किया, लेकिन इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम, भारत के सामने 300 से अधिक रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य निर्धारित कर चुकी थी।
इस मैच में कप्तान अजिंक्य रहाणे को डिफेंसिव फील्डिंग लगाने की जरुरत थी। मगर, अजिंक्य रहाणे ने जिस तरह की फील्डिंग लगाई थी, उससे एक- दो बार नहीं बल्कि कई बार रन लीक हुए। जिसने ऑस्ट्रेलिया को बढ़त हासिल करने में मदद की।
इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि यदि भारतीय क्रिकेट टीम से ये गलती ना हुई होती, तो ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के सामने शायद इतना बड़ा लक्ष्य नहीं खड़ा कर पाती।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।