15 अगस्त को टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने वाला इकलौता भारतीय, एक मैच में ही खत्म हो गया करियर
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Team India Debut: भारत के लिए 15 अगस्त का दिन बेहद खास है, क्योंकि 1947 में इसी दिन देश को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। तब से हर साल इस दिन को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है और जगह-जगह तिरंगा शान से लहराता नजर आता है।
आज भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने श्रीलंका दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत की। मुकाबले की शुरुआत से पहले टीम इंडिया (Team India) ने तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया।
15 अगस्त को गाले में शुरू हुए टेस्ट में Team India ने दिया डेब्यू का मौका
गाले टेस्ट को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि शायद ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन या तेज गेंदबाज आकिब नबी में से किसी को भारतीय टीम (Team India) की तरफ से डेब्यू का मौका मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर ऐसा होता तो ये उस खास लिस्ट का हिस्सा बन जाते, जो भारत के लिए 15 अगस्त को डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की है।
हालांकि, हम आपको ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने टीम इंडिया (Team India) के लिए 15 अगस्त के दिन डेब्यू किया था लेकिन उसका करियर सिर्फ एक ही मैच का रहा।
भारत के लिए इस खिलाड़ी ने स्वतंत्रता दिवस के दिन किया था डेब्यू

टीम इंडिया (Team India) के लिए 15 अगस्त, 1936 को डेब्यू करने वाले खिलाड़ी का नाम बाक़ा जिलानी है, जो दाएं हाथ के मीडियम पेसर थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी का हुनर भी रखते थे। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी और यही मैच उनका अंतिम भी रहा। चार दिन तक चले इस टीम में जिलानी को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का मौका मिला था लेकिन वो कुछ खास नहीं कर पाए थे।
हालांकि, स्वतंत्रता दिवस के दिन डेब्यू करने के कारण उनका नाम हर साल चर्चा में आ जाता है। अपने एकमात्र टेस्ट में जिलानी ने 16 रन बनाए। वहीं, गेंदबाजी में 55 रन देकर कोई भी विकेट नहीं लिया था।
विवादित रहा था बाक़ा जिलानी का डेब्यू
बाक़ा जिलानी के डेब्यू को लेकर आज भी बात होती है, क्योंकि कहा जाता है कि उन्हें अपनी काबिलियत से ज्यादा कप्तान को खुश करने के कारण टीम इंडिया (Team India) की प्लेइंग XI में जगह मिली थी। दरअसल, उस समय टीम के कप्तान विजयनगरम के महाराजा थे। उनके और सीके नायुडु के बीच मनमुटाव चल रहा था और दोनों के बीच बातचीत भी नहीं हो रही थी।
इसी का फायदा बाक़ा जिलानी को मिला। पहले दो टेस्ट में बाहर रहने वाले जिलानी ने एक सुबह सबके सामने नायडू का अपमान किया और उन्हें इसका इनाम टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने के रूप में मिला। ओपनर मुश्ताक अली के मुताबिक, बंगाल के शूट बनर्जी को शुरुआती 11 खिलाड़ियों में चुना गया था और जिलानी 12वें खिलाड़ी थे। लेकिन बाद में कप्तान ने खुश होकर उन्हें अंतिम ग्यारह में जगह दे दी।
सिर्फ एक टेस्ट का रहा करियर
रणजी में सबसे पहले हैट्रिक लेने का कारनाम करने वाले बाक़ा जिलानी का इंटरनेशनल करियर सिर्फ एक मैच का ही रहा। इसकी वजह उनका दुर्भाग्यपूर्ण निधन था। जालंधर में अपने घर की बालकनी से गिरकर जिलानी की मौत हुई, तब वे 30 साल के भी नहीं थे। हालांकि, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया कि वो गलती से गिर गए थे या फिर आत्महत्या की थी। घरेलू क्रिकेट में बाक़ा जिलानी ने 31 फर्स्ट क्लास मैचों में 928 रन बनाए और 83 विकेट भी लिए।