फेंकी लगातार 2 फुल-टॉस नो-बॉल, फिर भी गेंदबाजी से बैन नहीं हुए Kartik Tyagi, यहां समझें पूरा नियम
Published - 27 Apr 2026, 11:19 AM | Updated - 27 Apr 2026, 11:22 AM
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Kartik Tyagi: लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2026 का 38वां मैच खेला गया. इस मैच में सुपर ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. वहीं, लखनऊ के पेसर मोहसिन खान ने 5 विकेट लेकर कोलकाता के बैटिंग लाइनअप की धज्जियां उड़ा दी. लेकिन रिंकू सिंह ने कोलकाता की खेल में शानदार वापसी करवाई. जिस कारण इस मुकाबले में केकेआर ने जीत दर्ज की.
मगर सबसे बड़ा खेला मैच के आखिरी ओवर में हुआ, जब कोलकाता के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी (Kartik Tyagi) ने लगातार 2 फुल-टॉस नो-बॉल डाल दी. इसके बावजूद उन्हें गेंदबाजी से बैन नहीं किया गया. चलिए जानते हैं ऐसा क्यों हुआ और क्या कहता है नियम?
Kartik Tyagi ने डाली लगातार नो-बॉल

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कोलकाता ने पहले बैटिंग करते हुए 155 रन बनाए. जवाबी पारी खेलने उतरी लखनऊ ने 19 ओवर में 7 विकेट खोकर 139 रनों का स्कोर खड़ा किया.
लेकिन आखिरी ओवर में जीतने के लिए LSG को 17 रनों की दरकार थी. क्रीज पर उस वक्त हिम्मत सिंह और मोहम्मद शमी मौजूद थे. लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ, जब कार्तिक त्यागी (Kartik Tyagi) ने लगातार 2 नो-बॉल डाली.
दरअसल, कार्तिक के ओवर ती दूसरी गेंद सबसे खतरनाक थी. यह फुलटॉस गेंद सीधा हिम्मत की छाती की तरफ आई. लेकिन उन्होंने सहास दिखाते हुए बल्ला घुमाकर शॉट लगाया.
मगर अंपायर ने इसे तुंरत नो बॉल घोषित कर दिया. इसके बाद की गेंद फ्री-हिट रही. कार्तिक ने फिर से फुलटॉस डाली. जो कि कमर से काफी ऊपर थे. जिस कारण अंपायर ने नो बॉल का ऐलान किया. हालांकि, केकेआर ने DRS की मांग की. लेकिन रिप्ले में भी यह गेंद नो-बॉल घोषित की गई.
क्या कहता है नियम?
बता दें कि अगर कोई गेंदबाज लगातार एक ओवर में दो नो-बॉल डालता है तो उसे गेंदबाजी से हटा दिया जाता है. लिहाजा, यह पूरा वाकया देखकर केकेआर के कोच अभिषेक नायर और कप्तान अजिंक्य रहाणे के दिमाग में भी यही आया होगा. जिस वजह से उन्होंने स्पिनर अनुकूल रॉय को ओवर पूरा करने के लिए मैदान पर बुलाया. लेकिन अंपायर ने उन्हें रोककर कार्तिक त्यागी (Kartik Tyagi) से ही पूरा ओवर करवाया.
Kartik Tyagi से क्यों करवाया गया पूरा ओवर?
क्रिकेट में नियमनुसार एक ओवर में दो फुलटॉस नो-बॉल डालने पर उस गेंदबाज को पूरे मैच से बैन किया जा सकता है. लेकिन यह फैसला पूरी तरह से अंपायरों पर निर्भर करता है. अगर वह चाहे तो गेंदबाज को हटा भी सकते हैं.
हालांकि, गेंबाज को बैन करने से पहले इस बात का भी ध्यान दिया जाता है कि क्या इस गेंद ने किसी भी तरह से बल्लेबाज को नुकसान पहुंचाया. अगर गेंद बल्लेबाज के शरीर के पास जाती है तो उसे खतरनाक करार दिया जाता है.
लेकिव कार्तिक त्यागी (Kartik Tyagi) की बॉल से ऐसा कुछ नहीं हुई. हालांकि, कार्तिक की पहली नोबॉल गेंद थे. लेकिन दूसरी फुलटॉस गेंद ऑफ स्टंप के काफी बाहर गई थी. जो कि किसी भी तरह से बल्लेबाज के लिए खतरनाक नहीं थी. इसलिए अंपायर ने इस ब़ॉल को खतरनाक की श्रेणी से बाहर रखा और कार्तिक त्यागी से ओवर पूरा करवाया.
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