मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को दी बड़ी जिम्मेदारी, जानें क्यों अजमल कसाब के साथ जुड़ रहा उनका नाम?
Published - 23 Aug 2026, 11:21 AM | Updated - 23 Aug 2026, 11:22 AM
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Mumbai Indians: आईपीएल 2027 (IPL 2027) की तैयारियों के बीच मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने अपने सपोर्ट स्टाफ में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। फ्रेंचाइजी ने भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लंबा अनुभव रखने वाले एक पूर्व क्रिकेटर को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, इस नियुक्ति की घोषणा के बाद क्रिकेट से ज्यादा सोशल मीडिया पर एक पुराने मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मामला मुंबई में हुए 26/11 आतंकवादी हमले और उससे जुड़ी एक पुरानी याचिका से संबंधित है।
मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को बनाया डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस
मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा (Zubin Bharucha) को अपना नया डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस नियुक्त किया है। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक बयान में बताया कि भरूचा टीम के नेतृत्व समूह और सपोर्ट स्टाफ के साथ मिलकर खिलाड़ियों के विकास तथा प्रदर्शन से जुड़ी योजनाओं पर काम करेंगे।
भरूचा का भारतीय क्रिकेट से लंबा जुड़ाव रहा है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व किया और बाद में कोचिंग, खिलाड़ियों की पहचान तथा प्रदर्शन सुधारने जैसे क्षेत्रों में काम किया।
मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) से जुड़ने से पहले वह राजस्थान रॉयल्स के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे थे। फ्रेंचाइजी में उन्हें युवा खिलाड़ियों को निखारने और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। अब मुंबई इंडियंस को उम्मीद है कि उनका अनुभव टीम के प्रदर्शन और युवा प्रतिभाओं के विकास में मददगार साबित होगा।
अजमल कसाब से क्यों जोड़ा जा रहा जुबिन भरूचा का नाम?
जुबिन भरूचा की नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर वर्ष 2012 की एक पुरानी याचिका का मामला फिर चर्चा में आ गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अजमल कसाब की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग करने वाली एक सार्वजनिक याचिका के हस्ताक्षरकर्ताओं में भरूचा का नाम भी शामिल बताया गया है।
इस याचिका में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने का अनुरोध किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, इस अपील पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 200 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए थे।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मृत्युदंड के विरोध में किसी याचिका पर हस्ताक्षर करने का मतलब आतंकवादी हमले या आरोपी की विचारधारा का समर्थन होना साबित नहीं करता।
सोशल मीडिया पर नियुक्ति को लेकर छिड़ी बहस
अजमल कसाब मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमलों में शामिल एकमात्र हमलावर था, जिसे जिंदा पकड़ा गया था। अदालत से मौत की सजा मिलने और राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवदा जेल में फांसी दी गई थी।
अब जुबिन भरूचा की मुंबई इंडियंस में नियुक्ति के बाद कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ता पुराने मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, दूसरे लोग उनकी क्रिकेट संबंधी उपलब्धियों और मृत्युदंड के विरोध को अलग संदर्भ में देखने की बात कह रहे हैं।
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ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।