नो-हैंडशेक विवाद पर Salman Ali Agha ने तोड़ी चुप्पी, बड़ा बयान देते हुए कहा, “सब ठीक था, हैंडशेक हुआ…”
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Salman Ali Agha : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत हमेशा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके साथ भावनाओं, राजनीति और राष्ट्रीय सम्मान का गहरा जुड़ाव भी देखने को मिलता है। एशिया कप के दौरान हुआ “नो-हैंडशेक” विवाद इसी जटिल रिश्ते का एक नया अध्याय बन गया।
इस मामले पर अब पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आघा (Salman Ali Agha) ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूरी घटना को अपनी नजर से समझाने की कोशिश की है, जिसने एक बार फिर खेल भावना और राष्ट्रीय रुख के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी है।
टॉस से पहले क्या हुआ था? Salman Ali Agha ने खोला राज

सलमान अली आघा (Salman Ali Agha) के अनुसार, मैच से पहले माहौल पहले ही सामान्य नहीं था, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि हैंडशेक पूरी तरह से नहीं होगा। उन्होंने बताया कि टॉस से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्रॉफी शूट के दौरान खिलाड़ियों के बीच सामान्य तरीके से हैंडशेक हुआ था। इसी वजह से उन्हें लगा कि मैच के दौरान भी चीजें सामान्य रहेंगी।
हालांकि, टॉस के लिए जाते समय मैच रेफरी ने उन्हें अलग ले जाकर स्पष्ट कर दिया कि इस मुकाबले में दोनों कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं होगा। यह जानकारी उनके लिए अचानक थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि अगर ऐसा फैसला लिया गया है, तो वह उसके अनुसार ही आगे बढ़ेंगे। इस दौरान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी थी।
Salman Ali Agha relieved about India vs Pakistan handshake controversy:
— TEJASH (@Tejashyyyyy) May 2, 2026
Before the match, there was a press conference and a trophy shoot, and there was a handshake there too. So when I was going for the toss, I was pretty normal. I said, “Obviously, I had an idea that things… pic.twitter.com/zImpcx7pG1
मैच के बाद भी नहीं हुआ हैंडशेक
सलमान अली आघा (Salman Ali Agha) ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें उम्मीद थी कि मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के बीच सामान्य रूप से हाथ मिलाया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि मैच हारने के बाद पाकिस्तानी टीम भारतीय ड्रेसिंग रूम की ओर गई, ताकि पारंपरिक तरीके से खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाया जा सके।
इसके बावजूद, भारतीय टीम ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और ड्रेसिंग रूम का दरवाजा बंद मिला। यह पल आगा के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि क्रिकेट में मैच के बाद हैंडशेक को खेल भावना का अहम हिस्सा माना जाता है। इस घटना ने दोनों टीमों के बीच दूरी को और ज्यादा उजागर कर दिया।
खेल भावना बनाम राष्ट्रीय जिम्मेदारी
इस पूरे विवाद के बाद सबसे बड़ी बहस यही उठी कि क्या खेल भावना को राष्ट्रीय परिस्थितियों से ऊपर रखा जाना चाहिए या नहीं।
भारतीय टीम ने जहां अपने फैसले को राष्ट्रीय भावना और सुरक्षा बलों के सम्मान से जोड़ा, वहीं आगा ने इस पर चिंता जताई कि ऐसे कदम का असर जमीनी स्तर पर खेलने वाले युवा खिलाड़ियों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी किसी व्यवहार को अपनाते हैं, तो युवा और क्लब स्तर के खिलाड़ी भी उसे ही फॉलो करते हैं।
ऐसे में अगर शीर्ष स्तर पर इस तरह की दूरी दिखाई जाती है, तो इसका गलत संदेश जा सकता है। यह विवाद अब सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भविष्य में भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के स्वरूप को भी प्रभावित कर सकता है।
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