विवाद पर फुल स्टॉप! Rajat Patidar OUT थे या NOT OUT? अंपायर Anil Chaudhary ने बताया पूरा सच
Anil Chaudhary : आईपीएल 2026 में गुरुवार को गुजरात टाइटंस और आरसीबी के खिलाफ मैच में रजत पाटीदार को कैच आउट दिए जाने के विवाद का आखिरकार जवाब मिल गया है—लेकिन इस जवाब ने कई लोगों को हैरान भी कर दिया है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक तनावपूर्ण पल में, इस बात को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गया कि रजत पाटीदार आउट थे या नहीं, जिससे फैंस और खिलाड़ी दो गुटों में बँट गए।
जैसे-जैसे बहस तेज़ हुई, अंपायर अनिल चौधरी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और इस फैसले के पीछे की सच्चाई बताई। आइए जानते हैं इस पूरे मामले पर Anil Chaudhary ने क्या बताया.....
IPL 2026 के मुकाबले में हुआ जबरदस्त ड्रामा

30 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच हुए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मैच के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह तब हुआ जब रजत पाटीदार के कैच को लेकर एक विवादित फैसला आया, जिसने खिलाड़ियों और फैंस को दो गुटों में बांट दिया।
यह पल देखते ही देखते इस सीज़न की सबसे ज़्यादा चर्चा वाली घटनाओं में से एक बन गया, और इस पर सवाल उठने लगे कि क्या बल्लेबाज़ को सही तरीके से आउट दिया गया था।
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Anil Chaudhary ने तोड़ी चुप्पी
मशहूर अंपायर Anil Chaudhary ने अपने शो 'अंपायर्स कॉल' में इस विवाद पर बात की और घटना का विस्तार से विश्लेषण किया। Anil Chaudhary के अनुसार, पाटीदार को आउट देने का फैसला गलत था, और बल्लेबाज को 'नॉट आउट' घोषित किया जाना चाहिए था।
Anil Chaudhary के इस स्पष्टीकरण ने बहस को फिर से तेज़ कर दिया है, हालांकि इसके ज़रिए स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश भी की गई है।
मुख्य नियम: कैच पर नियंत्रण
Anil Chaudhary ने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्रिकेट के नियमों के अनुसार, कोई कैच तभी वैध माना जाता है जब फील्डर का गेंद और अपने शरीर की हलचल, दोनों पर पूरा नियंत्रण हो।
इस मामले में, जेसन होल्डर आगे की ओर डाइव लगा रहे थे और पूरी तरह से संतुलित नहीं दिख रहे थे। संतुलन की इस कमी ने इस बात पर संदेह पैदा कर दिया कि क्या कैच पूरा करते समय उनका गेंद पर पूरा नियंत्रण था।
क्या गेंद जमीन से छू गई थी?
एक और अहम पहलू जिस पर रोशनी डाली गई, वह था गेंद का ज़मीन से संभावित संपर्क। Anil Chaudhary ने बताया कि होल्डर की तर्जनी उंगली गेंद के ऊपर थी, जबकि उनका अंगूठा और हथेली गेंद के किनारे पर थे।
इस तरह की स्थिति से यह संकेत मिलता है कि गेंद का कोई हिस्सा शायद घास से छू गया हो, जो नियमों के अनुसार कैच को अमान्य बना देता।
उन्होंने तीसरे अंपायर की भी आलोचना की, जिन्होंने कई कैमरा एंगल को अच्छी तरह से देखे बिना जल्दबाज़ी में फैसला सुना दिया।
प्रतिक्रियाएं, परिणाम और मैच का नतीजा
यह घटना बेंगलुरु की पारी के 8वें ओवर में घटी, जब अर्शद खान ने एक गेंद फेंकी जिस पर डीप स्क्वायर लेग पर कैच लेने की विवादित कोशिश हुई। इस फैसले से विराट कोहली में साफ तौर पर निराशा दिखी; उन्हें बाउंड्री के पास चौथे अंपायर से बहस करते हुए देखा गया।
आकाश चोपड़ा, इरफान पठान और अभिनव मुकुंद जैसे कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी 'नॉट आउट' के फैसले का समर्थन किया और अंपायरिंग के स्तर पर सवाल उठाए। आखिरकार, पाटीदार 15 गेंदों में 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, और मैच का अंत गुजरात टाइटन्स की जीत के साथ हुआ—हालांकि उस एक फैसले को लेकर बहस अभी भी जारी है।
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