5 गेंदबाज जो बने भारत के लिए सबसे बड़े मैच विजेता खिलाड़ी

Published - 15 Aug 2020, 01:25 PM

खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेट टीम मौजूदा वक्त में तीनों फॉर्मेट्स में अच्छा प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रही है। गेंद व बल्ले दोनों से ही मौजूदा भारतीय टीम मजबूत स्थिति में है। मगर यदि आप भारतीय इतिहास पर गौर करेंगे, तो टीम में कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद थे, जो गेंद के दम पर टीम को मैच जिताने की काबिलियत रखते थे।

जी हां, एक गेंदबाज यदि अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर आ जाए तो वह विपक्षी बल्लेबाजों की नाक में दम कर सकता है। तो आइए आज इस आर्टिकल में आपको उन 5 भारतीय खिलाड़ियों से रूबरू कराते हैं जिन्होंने सिर्फ अपनी गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया के लिए कई मैचों में मैच विनिंग प्रदर्शन किया और भारतीय क्रिकेट को और ऊंचाईयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

गेंद से 5 खिलाड़ियों ने किया मैच विनिंग प्रदर्शन

1- कपिल देव

गेंद

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कपिल देव का नाम उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार होना लाजमी है, जिन्होंने गेंद के साथ भारत के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन किया है। दरअसल, कपिल देव भारत के सबसे सफल ऑलराउंडर खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए बल्ले के साथ ही नहीं बल्कि गेंद के साथ भी मैच विनर प्रदर्शन किया।

2 बार की विश्व चैंपियन रही वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को हराकर कपिल देव की ही कप्तानी में 1983 में भारत ने अपना पहला आईसीसी विश्व कप खिताब जीतकर विश्व क्रिकेट में भारत का नाम रोशन किया था।

कपिल देव ने भारत के लिए 131 टेस्ट मैचों में 31.05 की औसत के साथ 5248 रन बनाए, जबकि 29.64 की औसत से 434 विकेट भी झटके. वहीं 225 वनडे में उनके खाते में 3783 रनों के साथ 253 विकेट भी दर्ज रहे। वनडे में उनका गेंदबाजी औसत 27.45 का रहा।

2- हरभजन सिंह

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह का नाम सुनते ही हर किसी के जहन में वह स्पिन गेंदबाज याद आ जाता है, जिसने 2001 में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के साथ खेली गई बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के दौरान खेले गए ईडन गार्डेन्स के मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में हैट्रिक लिया था

उस मैच में भज्जी ने अकेले ही 16 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया था। इसी के साथ भज्जी ने भारत के लिए पहली टेस्ट हैट्रिक ली थी। इस प्रदर्शन के अलावा भी कई ऐसे मैच रहे, जिसमें भज्जी ने अपने अनुभव व शानदार स्पिन की बदौलत टीम के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन किए।

40 वर्षीय महान ऑफ स्पिनर ने भारत के लिए 103 टेस्ट में 32.46 की औसत के साथ 417, 236 वनडे में 33.35 की औसत से 269 और 28 टी20आई में 24.32 की बढ़िया औसत से 25 खिलाड़ियों को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया।

3- जवागल श्रीनाथ

गेंद

इस सूची में तीसरे स्थान पर पूर्व दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ का आता है। जवागल श्रीनाथ को मैसूर एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता हैं। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने अकेले अपने दम भारतीय क्रिकेट टीम को अनगिनत मैच जीताए।

90 के दशक में जवागल श्रीनाथ की तूती बोलती थी। टेस्ट और वनडे दोनों ही फॉर्मेट में उन्होंने अपनी करिश्माई गेंदबाजी से दुनियाभर के बल्लेबाजों के अंदर खौफ पैदा किया। 1999 में कोलकाता के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने मात्र 86 रन देकर आठ विकेट अपने नाम किये थे। 1999 के विश्व कप और 2003 के वर्ल्ड कप में उन्होंने काफी बेहतर प्रदर्शन किया था।

भारत के लिए उन्होंने 67 टेस्ट मैचों में 236 और 229 एकदिवसीय में 315 विकेट अपने नाम किये। टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के तौर पर 86 रन देकर 8 विकेट झटके और वनडे में 23 रन देकर 5 विकेट का देखने को मिला। 50 वर्षीय पूर्व भारतीय दिग्गज ने अपने करियर में कुल 34 वर्ल्ड कप मैचों में 44 विकेट भी झटके।

4- जहीर खान

तेज गति, स्विंग करती गेंद के धनी जहीर खान भी उन गेंदबाजों की लिस्ट में शामिल हैं जिन्होंने भारत के लिए गेंद के साथ मैच विनिंग प्रदर्शन किया। 28 सालों के बाद जब टीम इंडिया ने 2011 में दूसरा विश्व कप जीता, तो उसमें जहीर खान ने अहम भूमिका निभाई थी।

2007 में टी20 विश्व कप के बाद जब भारतीय क्रिकेट टीम, बांग्लादेश दौरे पर गई तो वहां टीम इंडिया की तरफ से जहीर खान ने टेस्ट में 10 विकेट लेने का कारनामा किया। इसके अलावा भी जहीर के योगदान को भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है।

41 वर्षीय पूर्व तेज गेंदबाज ने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 एकदिवसीय और 17 टी-20I मैच खेले और इस दौरान क्रमश: 32.94 की औसत के साथ टेस्ट में 311, 29.43 की औसत से वनडे में 282 और 26.35 की औसत से टी-20I में 17 विकेट अपने नाम किए।

5- अनिल कुंबले

गेंद

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले भी भारत के वह खिलाड़ी रहे, जिन्होंने अपनी गेंद के दम पर टीम इंडिया को मैच जिताए। अब जब हम ऐसे मैचों की बात करते हैं, तो सबसे पहले जहन में फिरोज शाह कोटला के मैदान पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ खेला गया टेस्ट मैच याद आता है, जिसमें कुंबले ने अकेले ही एक पारी के 10 के 10 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया था।

इसी के साथ कुंबले इंग्लैंड के जिम लेकर के बाद दूसरे गेंदबाज बने जिसने एक पारी में 10 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके अलावा भी कुंबले ने भारत के लिए तमाम मैच विनिंग प्रदर्शन किए।

आंकड़ों की बात करें, तो कुंबले ने 132 टेस्ट मैचों में 29.65 की औसत के साथ 619 और 271 वनडे में 30.89 की औसत के साथ 337 विकेट झटके। भारत के लिए टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी कुंबले के नाम पर ही दर्ज है।

Sonam Gupta

यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।

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