POCSO के गंभीर आरोपों से बरी हुआ स्टार क्रिकेटर, अब जल्द करेगा टीम इंडिया के लिए डेब्यू
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Star Cricketer Cleared Of POCSO Allegations: भारत में 'POCSO ACT' का काफी सख्ती से पालन किया जाता है। आम आदमी हो या फिर कोई बड़ी हस्ती, इस एक्ट के तहत अपराध में दोषी पाए गए तो कड़ी सजा का प्रावधान है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा मिलती है। इस तरह के मामलों की जांच और सुनवाई के लिए विशेष प्रावधान है।
पिछले साल RCB के स्टार तेज गेंदबाज यश दयाल दो अहम केस में फंस गए थे। उन पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। वहीं, दूसरे केस में 'POCSO ACT' के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसी वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ गई थीं और आईपीएल 2025 के बाद से खेलते नहीं नजर आए थे लेकिन अब उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। इसी वजह से बाएं हाथ का तेज गेंदबाज फिर से बड़े टूर्नामेंट में वापसी को तैयार है।
POCSO ACT से बरी होते ही UPCA ने यश दयाल को दी गुड न्यूज

जब से यश दयाल पर यौन शोषण और POCSO ACT के आरोप लगे, तब से उनके खिलाफ जांच चल रही थी। इसी वजह से उन्हें उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन यानी UPCA ने घरेलू क्रिकेट और किसी भी तरह के टूर्नामेंट के खेलने के लिए NOC नहीं दी थी लेकिन अब उनके लिए राहत की खबर आई आई है।
यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने कहा,
"UPCA यश दयाल को घरेलू और लीग क्रिकेट खेलने के लिए NOC देगा, क्योंकि सभी कानूनी मामले सुलझा लिए गए हैं।"
UPT20 League में भी यश दयाल को POCSO ACT से मुक्त होने के कारण मिला फायदा
स्टार तेज गेंदबाज को UPCA के साथ-साथ UPT20 लीग से भी राहत की खबर मिली है। लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन संजय कपूर ने बताया कि यश दयाल को आगामी सीजन के लिए गोरखपुर लायंस द्वारा रिटेन किया गया है और इस बार उन्हें टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा,
"हम जुलाई के बीच में UPT20 लीग का मिनी-ऑक्शन आयोजित करेंगे। हम इसे आगरा और नोएडा जैसे नए शहरों में आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं। हम लीग को बड़े पैमाने पर प्रमोट करना चाहते हैं, इसीलिए हम इन जगहों पर विचार कर रहे हैं। अगर आगरा या नोएडा में होटल की व्यवस्था संभव नहीं हो पाती है, तो लखनऊ ही मिनी-ऑक्शन के लिए हमारी जगह होगी।"
ये दो मामले यश दयाल के खिलाफ थे दर्ज
यश दयाल के ख़िलाफ़ पहली FIR 6 जुलाई को गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (धोखाधड़ी आदि के जरिए यौन संबंध बनाना) के तहत दर्ज की गई थी। उन पर शादी का झांसा देकर एक महिला का यौन शोषण करने का आरोप है।
दूसरी FIR जयपुर के सांगानेर पुलिस स्टेशन में दयाल के खिलाफ दर्ज की गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने एक लड़की को इमोशनली ब्लैकमेल करके दो साल तक उसका रेप किया। रिपोर्ट से पता चला कि दयाल ने उसे क्रिकेट करियर का लालच दिया और सीतापुरा के एक होटल में बुलाया, जहां पहली बार उसके साथ यौन शोषण हुआ। जब यह शोषण शुरू हुआ, तब लड़की 17 साल की थी, इसलिए पुलिस ने POCSO ACT के तहत मामला दर्ज किया।