टीम इंडिया के नए सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में रोहित-विराट का होगा डिमोशन? BCCI के इस फैसले से झेलना पड़ सकता है नुकसान
Published - 21 Jan 2026, 08:52 AM | Updated - 21 Jan 2026, 01:06 PM
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भारतीय क्रिकेट में इस समय एक बड़ी हलचल मची हुई है। जैसे-जैसे साल 2026 आगे बढ़ रहा है, बीसीसीआई अपने सालाना सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम इंडिया (Team India) के दो सबसे बड़े सुपरस्टार रोहित शर्मा और विराट कोहली को अगले कॉन्ट्रेक्ट लिस्ट में डिमोशन का सामना करना पड़ सकता है।
यह खबर उन प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है जो इन दोनों दिग्गजों को हमेशा टॉप पर देखते आए हैं। बोर्ड का यह फैसला भविष्य की रणनीतियों और खिलाड़ियों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।
A+ कैटेगरी खत्म करने की तैयारी
बीसीसीआई के गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली समिति ने सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट से A+ कैटेगरी को पूरी तरह से खत्म करने का सुझाव दिया है। वर्तमान में, इस एलीट ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं। अगर यह कैटेगरी हटती है, तो टीम इंडिया (Team India) के सीनियर खिलाड़ी रोहित और विराट को ग्रेड B में खिसकाया जा सकता है।
इसका मुख्य कारण यह है कि दोनों दिग्गजों ने 2025 के बीच में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और वे अब केवल वनडे प्रारूप में ही एक्टीव हैं। बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक, A+ ग्रेड अक्सर उन खिलाड़ियों के लिए होता है जो तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं। ऐसे में कैटेगरी बदलने से उनकी सालाना कमाई में 2 से 4 करोड़ रुपये तक की कटौती हो सकती है।
Team India में युवा खिलाड़ीयों को बढ़ावा
बोर्ड के इस नए प्रस्ताव का एक दूसरा पहलू यह भी है कि अब टीम इंडिया (Team India) में उन युवा चेहरों को तवज्जो दी जाएगी जो तीनों प्रारूपों में खेल रहे हैं। शुभमन गिल, जिन्हें वनडे और टेस्ट का कप्तान बनाया गया है, और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को प्रमोट कर शीर्ष ब्रैकेट में रखा जा सकता है।
टीम इंडिया (Team India) के भविष्य को देखते हुए बीसीसीआई अब वर्कलोड मैनेजमेंट और फॉर्मेट स्पेशलिस्ट पर अधिक ध्यान दे रहा है। अगरकर की समिति का मानना है कि जो खिलाड़ी साल भर तीनों फॉर्मेट में पसीना बहाते हैं, उन्हें अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। यही कारण है कि जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे सितारों को भी नई ग्रेडिंग प्रोटोकॉल के तहत बांटा जाएगा।
Team India पर फैसले का असर
बीसीसीआई के इस फैसले से टीम इंडिया (Team India) के सीनियर खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान तो होगा ही, साथ ही यह एक बड़े पावर शिफ्ट का संकेत भी है। 2026 के इस नए मॉडल में केवल तीन ग्रेड A, B और C रखने की सिफारिश की गई है। टीम इंडिया (Team India) के लिए यह बदलाव इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है ताकि युवा खिलाड़ियों में तीनों फॉर्मेट खेलने की लालसा बनी रहे।
हालांकि, रोहित और विराट जैसे कद के खिलाड़ियों का डिमोशन चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उनकी ब्रांड वैल्यू और अनुभव आज भी किसी भी युवा से कहीं अधिक है। अब सबकी नजरें बीसीसीआई की अगली एपेक्स काउंसिल मीटिंग पर टिकी हैं, जहां इस नए कॉन्ट्रेक्ट स्ट्रक्चर पर अंतिम मुहर लगेगी।
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