टीम इंडिया पर बोझ बन चुका है ये खिलाड़ी, कभी हुआ करता था तुरुप का इक्का

Published - 19 Jan 2026, 04:19 PM | Updated - 20 Jan 2026, 01:01 PM

Team India

Team India: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से हराकर सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के शतकों की बदौलत कीवी टीम ने 337 रन बनाए। जवाब में खराब शुरुआत के बावजूद विराट कोहली के शतक और नीतीश कुमार रेड्डी व हर्षित राणा के अर्धशतकों से भारत लक्ष्य के करीब पहुंचा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सका।

इस हार के बीच एक बात सबसे ज्यादा चुभने वाली रही। पूरी सीरीज़ में टीम इंडिया (Team India) का एक अनुभवी खिलाड़ी ऐसा रहा, जो न बल्ले से चला, न गेंद से असर दिखा पाया। कभी तुरुप का इक्का कहलाने वाला यह खिलाड़ी इस बार पूरी तरह फ्लॉप रहा और टीम के लिए बोझ बनता नजर आया।

अनुभव बनाम मौजूदा फॉर्म का सवाल

यह खिलाडी कोई और नहीं बल्कि दिग्गज आलराउंडर रविंद्र जडेजा हैं , जिन्होंने पूरी सीरीज में कोई कमाल का प्रदर्शन नहीं किया। रविंद्र जडेजा लंबे समय तक टीम इंडिया (Team India) के लिए तीनों विभागों में योगदान देने वाले खिलाड़ी रहे हैं।

फील्डिंग, गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी में उनका प्रभाव टीम के संतुलन को मजबूत करता था। लेकिन पिछले कुछ समय से उनका प्रदर्शन लगातार गिरावट की ओर है।

इसके बावजूद चयनकर्ताओं का उन पर भरोसा कायम रहना कई सवाल खड़े करता है। आलोचकों का मानना है कि अब टीम को केवल अनुभव नहीं, बल्कि ठोस इम्पैक्ट चाहिए, जो मौजूदा फॉर्म में जडेजा देने में नाकाम रहे हैं।

न्यूजीलैंड सीरीज़ में बल्लेबाजी ने बढ़ाई चिंता

न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज़ में जडेजा की बल्लेबाजी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। इस सीरीज़ में उन्होंने तीन मुकाबलों में क्रमशः 4 रन (5 गेंद), 27 रन (44 गेंद) और 12 रन (16 गेंद) बनाए। इन पारियों में न तो आक्रामकता नजर आई और न ही मैच की दिशा बदलने वाली पारी।

उनका स्ट्राइक रेट लगातार दबाव बढ़ाता दिखा, जिससे ऊपर के बल्लेबाजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा। निचले क्रम में तेजी से रन बटोरने की उनकी पहचान इस सीरीज़ में पूरी तरह फीकी पड़ती नजर आई।

गेंदबाजी में भी असरहीन रहे जडेजा

जिस गेंदबाजी को जडेजा की सबसे बड़ी ताकत माना जाता था, वही न्यूजीलैंड सीरीज़ में पूरी तरह बेअसर साबित हुई। तीनों वनडे मैचों में उन्होंने एक भी विकेट हासिल नहीं किया।

मिडिल ओवर्स में जहां उनसे रन गति पर लगाम लगाने और विकेट निकालने की उम्मीद होती है, वहां विपक्षी बल्लेबाजों ने बिना किसी परेशानी के रन बनाए।

उनका बढ़ता हुआ स्ट्राइक रेट और विकेट न ले पाना टीम इंडिया (Team India) के गेंदबाजी संतुलन के लिए खतरे की घंटी बन गया है।

Team India के पास विकल्प मौजूद, फिर भी मौके क्यों?

भारतीय क्रिकेट (Team India) के पास इस समय अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे सक्षम ऑलराउंडर मौजूद हैं, जिन्होंने सीमित मौकों में खुद को साबित किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब फॉर्म खराब चल रही हो, तब भी जडेजा को लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।

जडेजा के रहते कहीं न कहीं ये युवा खिलाड़ी नियमित तौर पर प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने से वंचित रह जाते हैं। भले ही जडेजा टी20 क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका मौजूदा प्रदर्शन टीम के लिए लगातार कमजोरी बनता जा रहा है।

यदि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में टीम इंडिया Team India) को सफलता हासिल करनी है, तो चयन में प्रदर्शन को ही सबसे बड़ा पैमाना बनाना होगा। क्योंकि जो खिलाड़ी कभी तुरुप का इक्का था, वही अब टीम पर बोझ बनता जा रहा है।

ये भी पढ़े : वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए BCCI कर सकती है नए हेड कोच का ऐलान, इस दिग्गज को टीम की कमान सौंपने को तैयार

Tagged:

IND vs NZ team india ravindra jadeja cricket news
Vasu Jain

मुझे क्रिकेट से गहरा लगाव है और मैं वर्ष 2007 से इस खेल को लगातार देखता और समझता आ रहा हूँ। क्रिकेट... रीड मोर

For fastest livescore in India
hindi.cricketaddictor.com