भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गंभीर की जगह इस दिग्गज को हेड कोच बनाने का दिया सुझाव

Published - 28 Jan 2026, 02:16 PM | Updated - 28 Jan 2026, 02:20 PM

Manoj Tiwary

Manoj Tiwary : भारतीय क्रिकेट में हेड कोच का पद हमेशा ही दबाव, उम्मीदों और नतीजों से जुड़ा रहा है। जीत मिलने पर कोच को दूरदर्शी कहा जाता है, जबकि हार की स्थिति में सबसे पहले सवाल उसी पर उठते हैं। मौजूदा दौर में यह स्थिति भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के साथ देखने को मिल रही है।

टेस्ट और वनडे में औसत नतीजों के बावजूद, टी20 इंटरनेशनल में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। इसी विरोधाभास ने गंभीर की कोचिंग को लेकर बहस को और तेज कर दिया है, जहां एक तरफ प्रशंसा है तो दूसरी तरफ लगातार आलोचना भी।

टेस्ट और वनडे में नतीजों ने बढ़ाई मुश्किलें

गंभीर के कार्यकाल में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है। घरेलू और विदेशी दोनों परिस्थितियों में टीम को ऐसी हार का सामना करना पड़ा, जिसकी उम्मीद कम ही की जाती है। खासकर भारत में टेस्ट सीरीज़ हारना और बड़े अंतर से पराजय झेलना, किसी भी हेड कोच के लिए चिंता का विषय होता है।

वनडे क्रिकेट में भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। चैंपियंस ट्रॉफी की जीत को छोड़ दें, तो द्विपक्षीय सीरीज़ में भारत का प्रदर्शन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया। इन नतीजों ने यह धारणा बना दी है कि तीनों फॉर्मेट को एक साथ संभालने में गंभीर को कठिनाई हो रही है।

टी20I में भारत की मजबूती और गंभीर की रणनीति

जहां टेस्ट और वनडे में आलोचना है, वहीं टी20 इंटरनेशनल में भारत लगभग अजेय नजर आया है। युवा खिलाड़ियों को मौके देना, आक्रामक सोच और स्पष्ट रोल , ये सभी बातें गंभीर की कोचिंग शैली की पहचान बनी हैं। टी20 फॉर्मेट में उनकी रणनीति आधुनिक क्रिकेट के अनुरूप दिखती है, जिसका फायदा टीम को लगातार मिला है। यही वजह है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 को गंभीर के लिए निर्णायक माना जा रहा है। इस एक टूर्नामेंट का परिणाम उनके पूरे कार्यकाल की दिशा तय कर सकता है।

Manoj Tiwary का बयान और BCCI पर दबाव

भारत के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) ने गंभीर की कोचिंग को लेकर खुलकर राय रखी है। उनके अनुसार, अगर भारत टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब बचाने में नाकाम रहता है, तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को बड़ा और कठिन फैसला लेना पड़ सकता है।

तिवारी (Manoj Tiwary) का मानना है कि बीसीसीआई आमतौर पर कोच को पूरा कार्यकाल देती है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर नाकामी किसी भी कोच के लिए खतरे की घंटी बन जाती है। यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि यह सीधे तौर पर गंभीर के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

VVS लक्ष्मण को लेकर विकल्प की चर्चा

अगर गंभीर की जगह पर बदलाव होता है, तो तिवारी (Manoj Tiwary) के मुताबिक वीवीएस लक्ष्मण सबसे उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। लक्ष्मण का स्वभाव शांत है और उनका कोचिंग अनुभव भी मजबूत माना जाता है। नेशनल क्रिकेट अकादमी में उनके काम और अंतरिम कोच के तौर पर अच्छे नतीजों ने उन्हें एक भरोसेमंद नाम बना दिया है।

तिवारी (Manoj Tiwary) का तर्क है कि इससे पहले भी जब राहुल द्रविड़ किसी सीरीज़ में उपलब्ध नहीं रहे, तो लक्ष्मण को स्वाभाविक विकल्प माना गया। यही कारण है कि भविष्य में अगर बदलाव की जरूरत पड़ी, तो बीसीसीआई को लक्ष्मण जैसे प्रोसेस-ड्रिवन और संतुलित सोच वाले कोच पर विचार करना चाहिए।

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Vasu Jain

मुझे क्रिकेट से गहरा लगाव है और मैं वर्ष 2007 से इस खेल को लगातार देखता और समझता आ रहा हूँ। क्रिकेट... रीड मोर

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